March 7, 2026

सतयुग दर्शन में विश्वस्तरीय निष्काम सेवा अभियान जोरों-शोरों पर

Faridabad/Alive News: एक जुलाई से शुरू विश्वस्तरीय निष्काम सेवा अभियान पूरे जोरों-शोरों पर है जो  31 जुलाई तक चलेगा। इस अभियान को सतयुग दर्शन ट्रस्ट की देखरेख में चलाया जा रहा। इस अभियान तहत एक माह की आय को मानवता के कल्याण के निमित्त समर्पित कर सेवा कर रहे है।

 इस सत्य से तो सब भली-भांति परिचित ही हैं कि ग्राम भूपानी स्थित सतयुग दर्शन ट्रस्ट अपनी स्थापना के आरम्भिक काल से ही मानव के शारीरिक, मानसिक व नैतिक उत्थान हेतु सेवारत है। इस हेतु ट्रस्ट समय-समय पर अपनी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज में जागृति, प्रेम, एकता व भाईचारे की भावना का संचार करता आया है। इसी श्रृंखला में ट्रस्ट ने अब  1 जुलाई 2025 से विश्वस्तरीय निष्काम सेवा अभियान की शुरुआत की है जिसके तहत देश-विदेश के विभिन्न भागों में निवास कर रहे, ट्रस्ट के सदस्य अपनी एक माह की आय को मानवता के कल्याण के निमित्त समर्पित कर, निष्काम भाव से जरूरतमंद जनों की सेवा कर रहे हैं। इस सेवा के तहत् अनवरत रूप से दिन-रात, सुबह-शाम, जगह-जगह जाकर जरूरतमंद जनों को खोज कर, उनको भोजन, कपड़े, व अन्य जरूरी संसाधन प्रदान किए जा रहे हैं। इस तरह उनके मायूस हतोत्साहित मन को खुशी प्रदान कर, ट्रस्ट के सेवारत जान भी असीम शांति व आनन्द का अनुभव कर रहे हैं।

हमारे संवाददाता ने जब इस क्रिया के उद्देश्य के बारे में पूछा तो ट्रस्ट के प्रवक्ता ने बताया कि आज के समय में इंसान की मन: सोच इतनी संकुचित हो गई है कि वह केवल “मैं और मेरा” के बारे में ही सोचता है और जो कुछ धन-दौलत व सम्पत्ति के रूप में अर्जित करता है, केवल अपने या अपनों के लिए ही करता है। भौतिक अर्जना की यह होड़ उसे काम का गुलाम बना इतना लोभी, क्रोधी, स्वार्थी व अहंकारी बना देती है कि अपने व अपनो के अतिरिक्त, असहाय, दीन व लाचार भाई-बंधुओं की आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की तरफ उसका ध्यान ही नहीं जा पाता और न ही वह उनके निमित्त उदार हृदय से अपनी आय या संसाधनों के कुछ हिस्से का निष्काम भाव से त्याग कर पाता है।

ज्ञात हो विदेशों के अतिरिक्त अभी तक यह क्रिया पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, केन्द्र प्रशासित प्रदेशों, हिमाचल, उत्तराखंड, असम, राजस्थान, गुजरात, आदि में बहुत जोरों शोरों से चल रही है व इस द्वारा अभी तक हजारों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

आज के समय में जहाँ लाभ कमाने की होड़ में अक्सर इंसानियत पीछे छूट जाती है, हमारा कर्तव्य बनता है कि हम जाति-पाति, रूप, रंग व धर्म-भेद से ऊपर उठकर, अपने आसपास चुपचाप संघर्ष कर रहे लोगों को जीवन यापन हेतु हैसियत अनुसार आवश्यक सहायता पहुँचाएँ। इस संदर्भ में यदि अभी तक कुछ नहीं किया तो आओ इस जुलाई माह में मिलजुल कर यह समतामूलक जीवन उद्धारक आरंभिक कदम उठाएँ और इस हेतु अपने अधीनस्थ कार्यरत मेहनतकश निम्न वर्ग के कर्मचारियों को किसी रूप में भी 1100 रूपये 0 तक की सहायता प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाएँ। जानो आपका यह छोटा सा प्रयास, जीवन-संघर्ष से बोझिल कई इंसानों को प्रसन्नता प्रदान कर सकता है और आपके अन्दर, एकता, एक अवस्था के साथ-साथ निष्कामता, उदारता, परोपकारिता जैसे गुणों का वर्धन कर सकता है। इस तरह इस क्रिया को जन आंदोलन का रूप दे जरूरतमंदों तक उनका हक पहुँचाए।