March 10, 2026

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघटा की क्या है पूजा विधि

Faridabad/Alive News : नवरात्रि के इन नौ दिनों नौ माता की पूजा अर्चना की जाती है। 24 सितंबर को नवरात्रि का तीसरा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के तीसरे नवदुर्गा स्वरूप मां चंद्रघटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघटा के मस्तिष्क पर एक घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होता है इसलिए उन्हें चंद्रघटा के नाम से जाना जाता है। मां दुर्गा का यह तीसरा स्वरूप शांति, साहस और वीरता का प्रतीक है।

मां चंद्रघटा का यह स्वरूप विशेष रूप से धैर्य और आत्म बल प्रदान करता है तथा भक्तों को धर्म कर्म और साधना के मार्ग पर आगे बढ़ाने की शक्ति भी प्रदान करता है।

क्या हैं धार्मिक मान्यताओं का

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ने अपनी भक्तों के दुखों को दूर करने के लिए हाथों में त्रिशूल, तलवार और गदा उठाया था। इसी दौरान उन्हें राक्षसों का वध करने वाली देवी भी कहा गया। जो भक्त सच्ची श्रद्धा भाव से मां चंद्रघटा की पूजा करता है उसके जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और सौभाग्य की वृद्धि होती है।

क्या है मां चंद्रघटा की पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन विधि विधान से मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की आराधना करें। मां की आराधना ओम देवी चंद्रघंटाय नमः का जप करते हुए ही करें। इस दिन माता को सिंदूर, अक्षत, गंध, धूप, और पुष्प अर्पित करें। ध्यान रहे मां को दूध से बनी मिठाई जैसे रबड़ी या पेड़े का ही भोग लगाया जाये। नवरात्रि के हर दिन नियमों अनुसार मां दुर्गा चालीसा पढ़े और मां दुर्गा की आरती करें।

मां चंद्रघंटा की पूजा में शंक और घंटे का प्रयोग शुभ माना जाता है