Faridabad/Alive News: बीके नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा ठप होने से गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए निजी सेंटरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी मशीन नियमित रूप से चालू नहीं हो सकी है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाली महिलाओं को एक अल्ट्रासाउंड के लिए 1500 से 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 40 गर्भवती महिलाओं को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह पर अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी होता है। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा नहीं मिलने से महिलाओं को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। इससे न केवल उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि आने-जाने में भी समय और पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी सेंटरों पर जांच कराना मुश्किल हो रहा है।
कोरिया से मंगवाए गए थे उपकरण
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अल्ट्रासाउंड मशीन की मरम्मत के लिए कोरिया से उपकरण मंगवाए गए थे। इसके बावजूद मशीन अब तक नियमित रूप से शुरू नहीं हो सकी है। अब मशीन के कुछ अन्य पार्ट मंगवाए जाने हैं। इनके आने के बाद ही जांच की सुविधा बहाल होने की उम्मीद है।
जल्द शुरू होगी सुविधा
बीके नागरिक अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि संबंधित कंपनी के इंजीनियर अस्पताल आकर मशीन की जांच कर चुके हैं। मशीन के कुछ पार्ट मंगवाए जाने बाकी हैं। पार्ट आते ही मशीन को ठीक कराकर अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

