Delhi/Alive News: आज मंगलवार को इजराइल और ईरान जंग का 11वां दिन हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से ईरान जंग और यूक्रेन के हालात पर 1 घंटे फोन पर बात की।
ट्रम्प ने बताया कि पुतिन ने उनसे कहा है कि वह इस ईरान जंग को खत्म कराने में मदद करना चाहता है। हालांकि ट्रम्प ने उनसे कहा कि अगर वे रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद करें तो वो ज्यादा बेहतर होगा।
फ्लोरिडा में मीडिया से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी और पुतिन की पहली बातचीत थी। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि पिछले 10 दिन में अमेरिका ने 51 ईरानी जहाज डुबो दिए हैं और हजारों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
राष्ट्रगान न गाने वाली 5 ईरानी खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने शरण दी
एशियन कप से बाहर होने के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की इजाजत दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है। जिन खिलाड़ियों को वीजा मिला है उनके नाम फतेमेह पसंदिदेह, जहरा घनबारी, जहरा सरबली, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी हैं। सरकार ने कहा है कि अगर बाकी खिलाड़ी भी चाहें तो वे भी ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं।
दरअसल, पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले ईरान की टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और उन्हें सख्त सजा देने की मांग भी की। इसी वजह से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
रविवार को गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर सैकड़ों लोगों ने टीम के समर्थन में “सेव अवर गर्ल्स” के नारे लगाए और खिलाड़ियों को सुरक्षित रखने की मांग की। इसी मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।

