Faridabad/Alive News: साइबर ठगी के मामलों पर लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना NIT की टीम ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, फरीदाबाद की रहने वाली एक महिला ने शिकायत दी थी कि 16 जून 2025 को उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और कहा कि महिला का नाम जेट एयरवेज मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है।
इसके बाद महिला को वीडियो कॉल की गई और उसे “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया गया। ठगों ने कहा कि केस की पूरी कार्रवाई वीडियो कॉल पर ही होगी, कोई बाहर नहीं जाएगा और किसी को कुछ नहीं बताएगा। पहले उससे 6 करोड़ 80 लाख रुपये की मांग की गई, बाद में मामला निपटाने के नाम पर 50 लाख रुपये मांगे गए।
डर के कारण महिला ने ठगों द्वारा बताए गए खाते में RTGS के जरिए 30 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत मिलने पर साइबर थाना NIT में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सिवान निवासी मासूम कुमार (29) और सुजीत कुमार (31) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि सुजीत खाते का ऑपरेटर था, जबकि मासूम ने यह बैंक खाता ठगों को उपलब्ध कराया था। मासूम 12वीं पास है और सुजीत बी.ए. तक पढ़ा हुआ है।
इस मामले में पहले ही 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की अपील: किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या “डिजिटल अरेस्ट” जैसे दावों से सावधान रहें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

