March 10, 2026

फरीदाबाद में वीरवार को मलेरिया के तीन और डेंगू के एक मामले की पुष्टि

Faridabad/Alive News : भादों में रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण शहर भर में विभिन्न स्थानों पर पानी खड़ा है और इसमें अब मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं। इसी कारण से बुखार, डेंगू और मलेरिया फैलने लगा है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को डेंगू के एक और मलेरिया के तीन मामलों की पुष्टि की है। विभाग के रिकार्ड के अनुसार इस वर्ष अब तक डेंगू के आठ तथा मलेरिया के 12 मामले आ चुके हैं। विभाग की अलग-अलग टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर बुखार के 1.75 लाख मरीजों की रक्त की स्लाइड बनाई है।

जिला नागरिक अस्पताल के रिकार्ड की बात करें तो यहां लैब में विभिन्न बीमारियों की आशंका के चलते प्रतिदिन 600 अधिक लोगों के रक्त के नमूनों की जांच की जा रही है। विभाग द्वारा डेंगू व मलेरिया के मामले में संवेदनशील क्षेत्रों में फागिंग कराई जा रही है। लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव को जागरूक भी किया जा रहा है। हैरानी की बात है कि मलेरिया व डेंगू के मामले आने के बाद भी नागरिक अस्पताल में बना डेंगू वार्ड बंद पड़ा है।

उपयोगी सलाह : घरों के आसपास जमा न होने दें पानी
-अपने घरों के आसपास वर्षा का पानी जमा न होने दें।
-अगर कहीं पानी जमा है तो उसमें सरसों के तेल की कुछ बूंदे डाल दें, इससे लार्वा नष्ट हो जाएगा।
-दो-तीन दिन बाद पानी में सरसों का तेल डालते रहे।
-अपने घर या कार्यालय की छत पर भी देखें। वहां किसी बर्तन या पुराने टायर में वर्षा का पानी जमा है तो उसे भी साफ कर दें।
-सावधानी बरत कर बीमारी से बचा जा सकता है।

क्या कहा है मलेरिया विभाग के अधिकारी का
डेंगू फैलाने वाले एडीज और मलेरिया फैलाने वाले एनाफ्लीज लार्वा साफ पानी में पनपते हैं। कूलर, गमले, टंकियों के पानी में लार्वा पनपते हैं। इसलिए हर सप्ताह पानी को बदलते रहें। कूलरों को रगड़ कर साफ करें। लार्वा को पनपने का मौका नहीं मिलेगा तो हम बीमारियों से बचे रहेंगे।
-डा. प्रवीण अरोड़ा, बायोलाजिस्ट, जिला मलेरिया विभाग।

क्या कहना है सीएमओ का
वर्षा होने पर बुखार, मलेरिया और डेंगू पनपता है। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। अगर कभी बुखार हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। डाक्टर की सलाह से ही दवा लेना ठीक है। वैसे हम बुखार के हर मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। हर मरीज के रक्त की जांच की जा रही है, ताकि पता चल सके कि कहीं डेंगू या मलेरिया तो नहीं है।
-डा. जयंत आहूजा, सीएमओ।