Faridabad/Alive News: हरियाणा के किसी भी बस अड्डे पर महिलाओं के लिए बेबी फीडिंग रूम नहीं बनाया गया है। इस बात का खुलासा आरटीआई से हुआ है। हरियाणा में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए तमाम अभियानों पर पैसा खर्च करती है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि हरियाणा के किसी भी बस अड्डे पर महिलाओं के लिए बेबी फीडिंग रूम नहीं है। जिससे अपने दुधमिहें बच्चे को दुध पिलाने वाली महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बस अड्डे जैसे सार्वजनिक स्थान पर महिला अपने दूध मुहें बच्चे को दुध पिलाने में शर्मसार होती है। अपने बच्चे को भूख से बिलखता देख कोई महिला यदि दुध भी पिलाती है तो समाज के कुछ लोग उस महिला को हीन भावना से देखते है। सभी प्राइवेट जोन, होटल व अन्य संस्थानों में बेबी फीडिंग रूम की व्यवस्था होती है। हरियाणा परिवहन विभाग को भी इस और ध्यान देने की आवश्यकता है।

क्या कहना है आरटीआई एक्टिविस्ट का
आरटीआई एक्टिविस्ट रविंद्र चावला का कहना है कि 2017 में मैंने कुछ बिंदुओं पर आरटीआई लगाई थी जिनमें जवाब आया कि हरियाणा के किसी भी बस अड्डे पर बेबी फील्डिंग रूम आरक्षित नहीं किया गया है। यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं, महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर काम करने वाले प्रदेश में महिलाओं को दी जाने वाली सुविधा पर सरकार का ध्यान नहीं है।
क्या कहना है बस अड्डा इंचार्ज का
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाए गए एनआईटी फरीदाबाद के बस स्टैंड पर बेबी फीडिंग रूम आरक्षित किया गया है। यह जानकारी एनआईटी बस अड्डा इंचार्ज रणबीर ने देते हुए बताया कि महिला यात्रियों को बेबी फीडिंग रूम के बारे में जानकारी ना होने के कारण बेबी फीडिंग रूम को इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। हालाकिं एनआईटी बस अड्डे में विभाग की ओर से रूम आरक्षित किया हुआ है।

