Faridabad/Alive News: 39 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले का आयोजन “लोकल फॉर ग्लोबल–आत्मनिर्भर भारत की पहचान” थीम के साथ किया जा रहा है। यह मेला देश-विदेश के शिल्प, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है।
मेले में राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) ने अपनी खास प्रदर्शनी स्टॉल के जरिए भागीदारी की है। इस स्टॉल पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं को दिखाया जा रहा है, जिनका मकसद पारंपरिक हुनर के जरिए स्वरोजगार और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देना है।
निसबड की टीम मेले में आए कारीगरों और नए उद्यमियों से सीधे बातचीत कर रही है। इन संवादों में उन्हें सरकारी योजनाओं, एमएसएमई सहायता, वित्तीय सुविधाओं और व्यवसाय की बुनियादी जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम की खास बात समावेशी उद्यमिता का उत्सव रहा, जिसमें हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कारीगरों, पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों और ट्रांसजेंडर उद्यमियों के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
निसबड की यह पहल न सिर्फ पारंपरिक शिल्प को नया बाजार दे रही है, बल्कि समाज के हर वर्ग को उद्यमिता से जोड़ने का संदेश भी दे रही है। सूरजकुंड मेले में यह सहभागिता “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत कर रही है।

