Faridabad/Alive News: 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026 में नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की स्टॉल लोगों को खासा आकर्षित कर रही हैं। हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार सहित कई राज्यों से आए समूहों ने मेला परिसर में अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं।
इन स्टॉलों पर ग्रामीण शिल्प, हस्तनिर्मित सामान और पारंपरिक कला की झलक देखने को मिल रही है। घर सजाने का सामान, हस्तनिर्मित कपड़े, पारंपरिक आभूषण, प्राकृतिक रंगों से बने उत्पाद, क्रॉकरी आइटम, कपड़े के बैग और अन्य हस्तशिल्प वस्तुएं यहां प्रदर्शित की गई हैं। हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक टोपी, झारखंड के जनजातीय शिल्प, उत्तर प्रदेश और बिहार की सजावटी वस्तुएं तथा हरियाणा के कपड़े के आकर्षक बैग पर्यटकों को खास तौर पर पसंद आ रहे हैं।
मेले का आयोजन हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा के निर्देशन में किया जा रहा है। नाबार्ड के सहयोग से ग्रामीण महिलाओं और कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
स्टॉल संचालकों ने बताया कि सूरजकुंड मेला उन्हें अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर देता है। वे न केवल अपने सामान की बिक्री कर रहे हैं, बल्कि पर्यटकों को इन्हें बनाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण संस्कृति और कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
पर्यटक इन उत्पादों की गुणवत्ता और कारीगरी से प्रभावित नजर आ रहे हैं। नाबार्ड का उद्देश्य इन स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।

