March 7, 2026

100 mg से ज्यादा निमेसुलाइड दवाओं पर बैन, ज्यादा डोज से लिवर को खतरे के चलते सरकार का फैसला

Delhi/Alive News: केंद्र सरकार ने दर्द और बुखार में इस्तेमाल होने वाली निमेसुलाइड (Nimesulide) दवा की 100 मिलीग्राम से ज्यादा डोज वाली सभी खाने की दवाओं के निर्माण और बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है। यह फैसला 29 दिसंबर से लागू हो गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा है, जो दर्द और सूजन में तेजी से राहत देती है, लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा लेने से लीवर को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। इसी वजह से सरकार ने हाई डोज वाली दवाओं पर प्रतिबंध लगाया है।

हालांकि, यह बैन सिर्फ 100mg से ज्यादा डोज वाली ओरल दवाओं पर लागू होगा। 100mg तक की निमेसुलाइड दवाएं डॉक्टर की सलाह पर पहले की तरह उपलब्ध रहेंगी। दवा कंपनियों को अब ज्यादा डोज वाली दवाओं का उत्पादन बंद करना होगा और बाजार में मौजूद स्टॉक वापस मंगाना पड़ेगा।

मरीजों पर क्या पड़ेगा असर
इस फैसले के बाद कुछ बड़ी कंपनियों की दर्द की दवाएं मेडिकल स्टोर से हट सकती हैं। मरीजों को अब डॉक्टर वैकल्पिक दवाएं लिख सकते हैं, जैसे पेरासिटामोल या आइबुप्रोफेन। बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवा लेना अब और मुश्किल हो सकता है।

पहले से खरीदी दवा पर क्या करें
अगर किसी मरीज के पास 100 mg से ज्यादा डोज वाली निमेसुलाइड दवा है, तो उसे बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बेहतर होगा कि डॉक्टर से संपर्क कर सुरक्षित विकल्प अपनाया जाए।

बच्चों पर असर नहीं
बच्चों के लिए निमेसुलाइड पहले से ही प्रतिबंधित है, इसलिए इस नए फैसले से बच्चों के इलाज पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

मेडिकल स्टोर और कंपनियों पर असर
मेडिकल दुकानों को हाई डोज वाली निमेसुलाइड दवाएं अपने स्टॉक से हटानी होंगी। दवा कंपनियों को इन दवाओं का उत्पादन बंद करना पड़ेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

गौरतलब है कि सरकार पहले ही जानवरों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सभी तरह की निमेसुलाइड दवाओं पर रोक लगा चुकी है। 20 फरवरी 2025 को जारी नोटिफिकेशन में यह प्रतिबंध लगाया गया था। इंसानों के लिए फिलहाल केवल ज्यादा डोज वाली निमेसुलाइड दवाओं पर ही बैन लगाया गया है।