Faridabad/Alive News: मौसम अब परिवर्तित होने लगा है। अब तक मौसम में ठंड नहीं थी, पर शनिवार की सुबह कोहरे के अहसास के साथ हुई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में कोहरा की परत छाने से धूप बहुत ही कम निकली। इससे किसान खासे खुश हैं।
क्योंकि अब सर्दियों का 40 दिन का चिल्ला शुरू हो जाएगा। रबी फसल खासतौर गेहूं को सबसे ज्यादा फायदा होगा। वहीं इससे अस्थमा, नजला के मरीजों को कुछ परेशानी हो सकती है। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है।
गेहूं की अच्छी फसल के लिए चाहिए ठंड
गेहूं की बोआई पूरी हो चुकी है और अब पहला पानी(भूड़) भरी जा चुकी है। जो नवंबर के शुरू में फसल बोई गई थी, उसमें दूसरा पानी
(पौंखारा) लगाना भी कुछ किसानों ने शुरू दिया है। ऐसे में अब गेहूं के लिए सबसे ज्यादा सर्दी की जरूरत है। क्योंकि सर्दी नहीं पड़ेगी तो गेहूं एक तना बढ़ता रहेगा और बाली जल्दी निकल आएगी।
यदि सर्दी ज्यादा पड़ेगी तो गेहूं का बढ़ना बंद हो जाएगा और फुटाव शुरू हो जाएगा। शनिवार को सुबह जंगल में कोहरा छाने और बादल होने से किसान काफी खुश थे। किसानों का कहना है कि सबसे ज्यादा सर्दी 20 दिसंबर से लेकर 26 जनवरी तक ही पड़ती है। इस दौरान कोहरा पड़ता है। सूर्य देव के कई दिन तक दर्शन नहीं होते हैं। धूप बहुत ही कम निकलती है। अब सर्दियां पड़नी शुरू हो जाएंगी।
पूर्व सरपंच दुलीचंद यादव ने बताया कि गेहूं में पानी लगाना शुरू कर दिया है। पूस का महीना आधा बीतने वाला है। आधे पूस से लेकर आधे माघ तक ठंड ज्यादा होती है। इसमें गेहूं फुटाव देता है और झुंडा बन जाता है। अब सर्दियों का 40 दिन का चिल्ला शुरू हो गया है। यह रबी की फसल के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है।

