October 6, 2026

दवा छोड़ने वाले टीबी मरीजों पर रहेगी नजर, घर-घर जाकर होगी जांच

Faridabad/Alive News: टीबी के मरीजों का इलाज बीच में न छूटे और नए मरीजों की समय पर पहचान हो सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अब घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी टीबी के लक्षणों के बारे में जानकारी लेने के साथ पहले से इलाज करा रहे मरीजों का भी फॉलोअप करेंगे। खासतौर पर ऐसे मरीजों पर नजर रखी जाएगी, जो नियमित रूप से दवा नहीं ले रहे हैं या जिनका इलाज बीच में छूट गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों से लंबे समय से खांसी, वजन कम होने, रात में पसीना आने, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षणों के बारे में पूछेंगी। किसी व्यक्ति में टीबी की आशंका होने पर उसे जांच के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा। विभाग का मानना है कि बीमारी की शुरुआत में ही मरीज की पहचान होने से इलाज जल्दी शुरू किया जा सकता है और संक्रमण को दूसरे लोगों तक पहुंचने से रोका जा सकता है।

दवा बीच में छोड़ने वालों से दोबारा संपर्क

अभियान में पहले से टीबी का इलाज करा रहे मरीजों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी यह पता करेंगे कि मरीज रोजाना दवा ले रहा है या नहीं। अगर कोई मरीज दवा लेना छोड़ चुका है तो उससे दोबारा संपर्क कर इलाज पूरा करने के लिए समझाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उसे स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में भी मदद की जाएगी।

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरजिंदर ने बताया कि घर-घर संपर्क के दौरान मरीजों की जानकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था से जोड़ी जाएगी। इससे इलाज के दौरान मरीज का नियमित फॉलोअप किया जा सकेगा और दवा लेने में किसी तरह की परेशानी होने पर समय रहते मदद दी जा सकेगी। अभियान में आशा वर्करों के साथ अन्य स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय स्तर पर सहयोग करने वाले लोगों की भी मदद ली जाएगी।