March 10, 2026

एक दो नहीं बल्कि 350 प्रकार के वाद्य यंत्र लेकर मेला पहुंचे ताज अहमद, लोगों को खूब भा रहा

Faridabad/Alive News: 36 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में राष्ट्रीय स्तर पर वाद्य यंत्रों में अपनी अलग पहचान रखने वाले ताज अहमद के लोग मुरीद हो रहे है। दिल्ली के रहने वाले ताज अहमद पारंपरिक वाद्य यंत्र बनाने में माहिर हैं और वे अपने दादा हिदायद सैन की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए वाद्य यंत्रों का कारोबार कर रहे हैं। इनके स्टॉल पर छोटे और बड़े वाद्य यंत्र उपलब्ध हैं।

वाद्य यंत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से नई पहचान मिली है, जिसके चलते सरकार द्वारा उन्हें राष्ट्रीय अवॉर्ड से पुरस्कृत किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी कलाकारी है, जिसमें इस तरह के संगीत यंत्र बनाने वाले को सुर और ताल की संपूर्ण जानकारी होना बेहद जरूरी होता है। यंत्र तो कोई भी बना सकता है, लेकिन उनके सुरों को साधने का कार्य केवल संगीत का जानकार ही कर सकता है। उनके ईकतारा सहित अन्य वाद्य यंत्रों की वृंदावन, मुंबई, दिल्ली, पंजाब के अलावा कई देशों में भी अच्छी खासी डिमांड है।

ताज की स्टॉल पर भारत ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी इन यंत्रों की खरीदारी बड़े चाव से कर रहे हैं। उनके वाद्य यंत्रों के दीवाने कलाकार ताज अहमद की स्टॉल पर बर्बस ही चले आते हैं। उनकी स्टॉल पर हारमोनियम, तबला, ढपली, ढोलक, खड़ताल, बांसुरी, नपीरी, सीटी, झुनझुना, शहनाई, पोंगो, बिगुल सहित संगीत विधाओ के सभी यंत्र मौजूद हैं।