भारत का खाद्य और औषधि नियंत्रण — जब व्यवस्था ही जहर बन जाए तो क्या?
लेखक- प्रभजोत कौर आज भारत का जन स्वास्थ्य आपातकाल की चपेट में है। देश में 10 करोड़ से अधिक मधुमेह रोगी हैं, हृदय रोग और कैंसर की दरें लगातार बढ़ रही हैं, और बचपन का मोटापा नए खतरे के स्तर पर पहुंच चुका है। यह संकट किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि उस व्यवस्थागत गिरावट […]

