March 13, 2026

मणिपुर हिंसा पर ‘सुप्रीम कोर्ट’ सख्त! राज्य सरकार से मांगी गई आगजनी, संपत्तियों पर अतिक्रमण की जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर सरकार से जातीय हिंसा के दौरान आगजनी की वजह से क्षतिग्रस्त हुई संपत्तियों और कब्जा की गई संपत्तियों की जानकारी मांगी है

New Delhi/Alive News: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर सरकार से जातीय हिंसा के दौरान आगजनी की वजह से क्षतिग्रस्त हुई संपत्तियों और कब्जा की गई संपत्तियों की जानकारी मांगी है।

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि उसे उन सभी संपत्तियों की जानकारी चाहिए जो या तो पूरी तरह से या आंशिक तौर पर जली हैं।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को इन घटनाओं में दोषियों और कब्जा करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी जानकारी एक सीलबंद लिफाफे में देनी होगी। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने इस याचिका पर 20 जनवरी को शुरू होने वाले हफ्ते में सुनवाई तय की है।

पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की तीन पूर्व महिला जजों की एक समिति के गठन का आदेश दिया था। इस समिति को पीड़ितों के राहत-पुनर्वास के अलावा उनको दिए जाने वाले मुआवजे की निगरानी करनी थी। इसके अलावा मणिपुर में आपराधिक मामलों की जांच के लिए महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख दत्तात्रेय पडसगिकर को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

मणिपुर में 3 मई 2023 को भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।