Faridabad/Alive News: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को भी जल्द पोषण योजना का लाभ मिलने वाला है। मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के तहत अब इन कक्षाओं की छात्राओं को भी फ्लेवर्ड दूध और प्रोटीन मिल्क बार दिए जाएंगे। यह योजना 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी है।
इसी के चलते शिक्षा विभाग ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों से कक्षावार छात्राओं की संख्या मांगी है। स्कूलों को 16 मार्च तक यह जानकारी जिला शिक्षा विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार जिन स्कूलों द्वारा समय पर जानकारी नहीं भेजी जाएगी, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल बाल वाटिका से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड डे मील योजना के तहत भोजन के साथ दूध, मिल्क बार और पिन्नी दी जाती है। अब इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं को भी योजना में शामिल किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार छात्राओं को सप्ताह में चार दिन दूध और दो दिन मिल्क बार दी जाएगी। दूध में मौजूद कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने और शारीरिक विकास में मदद करते हैं, जबकि मिल्क बार से पोषण की कमी को दूर करने में सहायता मिलेगी।
जिले में कुल 378 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें करीब 1.25 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें लगभग 78 हजार विद्यार्थी बाल वाटिका से आठवीं तक के हैं, जबकि करीब 47 हजार विद्यार्थी नौवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ते हैं। इनमें आधे से अधिक छात्राएं बताई जा रही हैं, जिन्हें पहले चरण में योजना का लाभ मिलेगा।
विभाग के अनुसार सभी छात्राओं को दूध और मिल्क बार वितरित करने की जिम्मेदारी संबंधित कक्षा इंचार्ज को दी जाएगी, ताकि योजना का लाभ सही तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
क्या कहना है उप जिला शिक्षा अधिकारी का
नौवीं से बारहवीं की छात्राओं को पहली बार मिल्क बार और दूध वितरित किया जाएगा। स्कूलों को समय पर निदेशालय द्वारा मांगी गई जानकारी साझा करने के आदेश दिए गए हैं।
- डॉ. मनोज मित्तल, उप जिला शिक्षा अधिकारी।

