Faridabad/Alive News: सेक्टर-24 में 16 फरवरी को हुए भीषण अग्निकांड की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पाया गया कि जिन दो कंपनियों कालका जी लुब्रिकेंट और शिव स्टील कंपनी में केमिकल ड्रम फटे, वे बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के चल रही थीं। इस लापरवाही से 42 लोग घायल हुए और आसपास की करीब 40 हजार आबादी भी खतरे में आ गई।
मशीनों के पास रखे थे केमिकल ड्रम
फायर विभाग के अनुसार कंपनियों के पास एनओसी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। जांच में सामने आया कि मेटल कटिंग में इस्तेमाल होने वाले इंडस्ट्रियल ग्रीस और लुब्रिकेंट जैसे ज्वलनशील केमिकल मशीनों के पास ही रखे गए थे, जबकि सुरक्षा मानकों के अनुसार ऐसा करना प्रतिबंधित है।
ऐसे हुआ हादसा
16 फरवरी की शाम सीएनसी मशीन से मेटल शीट काटने का काम चल रहा था। मशीन से निकली चिंगारी 200 लीटर के केमिकल ड्रम पर गिर गई, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद बाहर रखे अन्य ड्रमों में भी लगातार विस्फोट होते गए और आग फैलती चली गई। इस हादसे में 2 फायर कर्मियों और 3 पुलिसकर्मियों सहित 42 लोग घायल हुए। गंभीर घायलों को एम्स और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
40 हजार आबादी पर मंडराया खतरा
हादसे वाली जगह के पास मुजेसर गांव बसा है, जिसकी आबादी करीब 40 हजार है। यहां पिछले कई वर्षों से दुकानों में केमिकल का कारोबार हो रहा था। दुकानों के बाहर सड़क तक ड्रम रखे जाने से खतरा और बढ़ गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बारे में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
दोनों कंपनियां एक ही जगह से चल रही थी
जांच में पाया गया कि दोनों यूनिट एक ही परिसर से संचालित हो रही थीं। निकासी गेट और मशीनों के आसपास तेल और केमिकल से भरे ड्रम रखे थे, जिससे आग तेजी से फैली।
मालिक और मैनेजर पर केस दर्ज
मुजेसर थाना पुलिस ने फैक्ट्री मालिक विजय मोगरे और मैनेजर अभिषेक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह केस हादसे में घायल कांस्टेबल की शिकायत पर दर्ज हुआ। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार खतरनाक लापरवाही से चोट पहुंचाने के मामलों में कड़ी सजा, यहां तक कि उम्रकैद का प्रावधान भी है। धमाके के बाद लगी आग में फैक्ट्री के बाहर खड़ी दर्जन भर कारें और बाइकें जल गईं। आग ने आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
जांच के लिए कमेटी गठित
हादसे की जांच के लिए जिला प्रशासन ने विशेष कमेटी बनाई है। उपायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

