Faridabad/Alive News: ग्रेटर फरीदाबाद के बड़ौली और प्रहलादपुर गांव के किसान जमीन अधिग्रहण से जुड़ी मांगों को लेकर कई महीने से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सूरजकुंड में दीवाली मेले के शुभारंभ के लिए पहुंचे थे। इस दौरान धरने के संयोजक वीरपाल गुर्जर अन्य किसानों के साथ मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के लिए रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया।
सरकार पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धन सिंह कोतवाल और धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपने हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
16 साल पहले हुआ था जमीन का अधिग्रहण
वीरपाल गुर्जर ने बताया कि बड़ौली और प्रहलादपुर गांव के किसानों की जमीन का करीब 16 साल पहले अधिग्रहण किया गया था। उस समय जमीन के लिए 645 रुपये प्रति गज की दर से मुआवजा तय किया गया था। किसानों का कहना है कि मौजूदा बाजार दरों को देखते हुए यह मुआवजा पर्याप्त नहीं है। वे लंबे समय से उचित मुआवजे और जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।
लैंड पूलिंग योजना के तहत समाधान की मांग
किसानों ने लैंड पूलिंग योजना के तहत समाधान का प्रस्ताव रखते हुए अधिग्रहित जमीन के बदले उचित जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष 9 जनवरी 2025 और सितंबर 2025 में उठाया गया था। इसके अलावा मंत्री राजेश नागर और विपुल गोयल को भी किसानों की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।

