Delhi/Alive News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोटकों से भरे दो ड्रोन मार गिराए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ड्रोन फैजाबाद इलाके के पास गिरा, जबकि दूसरा आई-9 सेक्टर में गिराया गया।
इससे पहले अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट क्षेत्र में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
दरअसल पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कंधार में हवाई हमले किए थे। तालिबान अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों में 6 लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए।
इस बीच पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानें सामान्य रूप से जारी हैं और एयरपोर्ट बंद होने की खबरें गलत हैं।
पाकिस्तान ने अफगान के फ्यूल डिपो पर हमला किया था
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के मुताबिक, पाकिस्तान ने प्राइवेट एयरलाइन ‘काम एयर’ के फ्यूल डिपो पर हमला किया था, जो सिविलियन विमानों और यूएन के विमानों को भी फ्यूल सप्लाई करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा।
वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि यह कार्रवाई पाकिस्तानी तालिबान के ठिकानों पर की गई है। हाल के महीनों में देश में बढ़ते आतंकी हमलों के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया।
पाकिस्तान ने तालिबान नेताओं के गढ़ को निशाना बनाया
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पाकिस्तानी हमले कंधार और पक्तिका प्रांतों में भी किए गए। कंधार तालिबान नेताओं का गढ़ माना जाता है।
वहीं, तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
दरअसल, पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि टीटीपी अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी।
पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में टीटीपी के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था।
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि टीटीपी अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है।

