March 12, 2026

विकसित भारत : इंजीनियरों, शिक्षकों और समाज की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन

Faridabad/Alive News: द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), फरीदाबाद लोकल सेंटर द्वारा, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग, जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के सहयोग से “विकसित भारत : इंजीनियरों, शिक्षकों और समाज की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सेमिनार में इंजीनियरों, शिक्षकों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया और विकसित भारत के निर्माण में सभी हितधारकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। अर.आई.एस. ओबेरॉय, एफआईई, चेयरमैन एवं काउंसिल मेम्बर, ईआईई फरीदाबाद लोकल सेंटर ने स्वागत एवं अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। प्रो. प्रदीप कुमार डिमरी, एफआईई, मानद सचिव, ईआईई फरीदाबाद लोकल सेंटर ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि प्रो. राजेश आहूजा, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी,  जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इंजीनियरों, शिक्षकों, उद्योग और समाज के बीच आपसी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

सेमिनार में कई विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें “विकसित भारत – अवसंरचना परिप्रेक्ष्य” – श्री संजीव शर्मा, ज़ोनल हेड – टेक्निकल सर्विसेज, श्री सीमेंट, “विकसित भारत – एमएसएमई परिप्रेक्ष्य” – अर. जे.पी. मल्होत्रा, एफआईई, सीएमडी, भारतीय वाल्व्स प्रा. लि., फरीदाबाद,  “विकसित भारत – नवाचार, गुणवत्ता प्रणाली एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता परिप्रेक्ष्य” – प्रो. (डॉ.) आशीष सोती, निदेशक, अरावली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, ग्रेटर फरीदाबाद शामिल थे।

इस अवसर पर उद्योग से जुड़े इंजीनियरों एवं विद्यार्थियों ने भी विभिन्न विषयों पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन प्रो. मुनिश वशिष्ठ, एफआईई, अध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग, जे.सी. बोस विश्वविद्यालय  द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इस सेमिनार ने इंजीनियरों, शिक्षकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित किया, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में ठोस योगदान दिया जा सके।