March 10, 2026

बुधवार को भी जमकर बरस रहे मेघ, जगह – जगह हुआ भारी जलभराव

Faridabad/Alive News : बुधवार को भी मेघा जमकर बरसे है। इससे उमसभरी गर्मी से राहत ताे मिल रही है लेकिन लोगों को जलभराव से जूझना पड़ा। बुधवार के दिन जमकर बरसात ने सभी रिकार्ड तोड दिये। दिल्ली – आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित शहर के विभिन्न हिस्साें में जलभराव देखा गया। जलभराव की वजह से वाहनाें की रफ्तार पर ब्रेक लग गया था। इससे वाहन चालक परेशान रहे।

नहीं हैं पानी निकासी के इंतजाम

दिल्ली – मथुरा हाईवे से लेकर शहर में पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यही कारण है कि जब भी वर्षा हाेती है ताे जलभराव हाे जाता है। इससे कई घंटे तक वाहनाें का आवागमन थम जाता है। जलभराव से हाईवे भी अछूता नहीं रहता है। सीकरी से लेकर बल्लभगढ़ और बाटा चाैक तक लगभग हर चाैराहे व सर्विस राेड़ पर जलभराव हाेता है। बुधवार काे भी कई जगह सर्विस राेड़ पर काफी पानी जमा हाे गया था। शहर के वाहन चालक अधिकतर सर्विस राेड़ का ही प्रयाेग करते हैं, लेकिन यहां जलभराव हाेने की वजह से चालकाें काे परेशानी हूई।

लाखाें रुपये खर्च किए, पर समाधान नहीं

हाईवे पर जलभराव के समाधान के लिए कई कराेड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिल पा रहा है। हर बार बरसात के बाद बुरा हाल हाेता है। सालभर पहले ओल्ड़ फरीदाबाद, अजराैंदा की सरपंच कालाेनी, खाटू श्याम मंदिर, बाटा, गुडईयर, वाईएमसीए, कैली चाैक के पास हाईवे के नीचे बड़ी लाइन डाली है। इन चाैराहाें पर चैंबर बना दिए हैं। इन चाैराहाें पर चैंबर बना दिए हैं। इससे थाेड़ी राहत मिली है। इस पर करीब 10 कराेड़ खर्चा आया है। अजराैंदा चाैक पर ही पानी निकासी के नाम पर 1.16 कराेड़ रुपये खर्च करने का दावा किया गया है।

क्या कहना है अधिकारी का

पानी निकासी के इंतजाम और बेहतर किए जा रहे हैं। अधिक वर्षा हाेने की वजह से कचरा मैनहाेल पर जमा हाे जाता है। इससे पानी नहीं निकल पाता। श्रमिकाें काे लगाकर सफाई करा दी जाती है। जहां पानी निकलता, वहां टैंकराें से निकलता दिया जाता है। जल्द पानी निकासी के स्थायी इतंजाम भी किए जा रहे हैं।

धीरज सिंह, परियाेजना निदेशक, एनएचएआइ