Faridabad/Alive News: जिले में करीब दो लाख लोग अभी भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने से वंचित हैं। जिन लोगों के कार्ड बन चुके हैं, उन्हें भी कई बार निशुल्क इलाज लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि बादशाह खान सामान्य अस्पताल में आयुष्मान केंद्र होने के बावजूद वहां प्रिंटर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कार्ड बनवाने आए लोगों को बाहर से प्रिंट निकलवाने के लिए कहा जा रहा है।
कार्ड बनवाने को आगे नहीं आ रहे लोग
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक लगभग 7.90 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि करीब दो लाख लोगों के कार्ड अभी बनने बाकी हैं। विभाग का कहना है कि कई पात्र लोग कार्ड बनवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
आयुष्मान मित्रों की कमी
नागरिक अस्पताल आने वाले लोगों को अक्सर परेशानी झेलनी पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष्मान मित्र तैनात किए गए हैं, लेकिन उनकी संख्या कम है। नागरिक अस्पताल में तीन और अन्य केंद्रों पर 13 आयुष्मान मित्र कार्यरत हैं, जिनका काम कार्ड बनवाने में सहयोग और मरीजों को उपचार दिलाने में मदद करना है।
डुप्लीकेट कार्ड बनवाने में परेशानी
फतेहपुर तगा गांव निवासी सुभान पेंटिंग का काम करते समय छत से गिरकर घायल हो गए थे। निजी अस्पताल में उनका करीब हजार रुपये खर्च हुआ। बाद में परिजन उन्हें नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे।
सुभान की पत्नी सलीमन और बेटी रहमती के अनुसार उनके आयुष्मान कार्ड गुम हो गए थे। नए कार्ड बनवाने के लिए जब वे अस्पताल के आयुष्मान केंद्र पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि यहां प्रिंटर नहीं है, इसलिए बाहर से कार्ड प्रिंट करवाकर लाना होगा।
लोगों का कहना है कि योजना का लाभ तभी प्रभावी होगा जब अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

