March 7, 2026

फरीदाबाद में कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर एनजीटी का सख्त रुख, मुख्य सचिव समेत कई अधिकारियों को नोटिस

Faridabad/Alive News: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रिंसिपल बेंच ने फरीदाबाद में कचरा प्रबंधन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज नोटिस) जारी किया है।

यह कार्रवाई सेक्टर-21ए, बाइपास रोड स्थित डंपिंग साइट पर फैली गंदगी और ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के उल्लंघन के चलते की गई है। एनजीटी की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और डॉ. अफरोज अहमद शामिल थे, ने कहा कि अधिकारियों ने 10 सितंबर 2024 को दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया और न ही कोई अनुपालन रिपोर्ट सौंपी।

याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए वीडियो में डंपिंग साइट की खराब स्थिति दिखी जगह-जगह फैला कचरा, टूटी दीवारें और सफाई की पूरी तरह अनदेखी। एनजीटी ने इस स्थिति को “सबसे खराब” बताया और कहा कि यह जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव, नगर निगम फरीदाबाद के आयुक्त, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और फरीदाबाद के उपायुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

एनजीटी ने चेतावनी दी है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एनजीटी अधिनियम की धारा 26 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि यह मामला नागरिकों के स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार (संविधान के अनुच्छेद 21) का उल्लंघन है। इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2025 को होगी।