Faridabad/Alive News: नवरात्र में व्रत रखने के दौरान खानपान और दवाइयों को लेकर बरती गई लापरवाही अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। कमजोरी, थकान और चक्कर आने की शिकायत के साथ मरीज इलाज के लिए बीके अस्पताल पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोहित अग्रवाल के अनुसार, अस्पताल में रोजाना 55 से अधिक मरीज ऐसी परेशानियों के साथ आ रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक बताई जा रही है।
डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि लंबे समय तक खाली पेट रहने, पर्याप्त पानी नहीं पीने और शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलने से ऊर्जा की कमी हो सकती है। कुछ लोग व्रत के दौरान नमक नहीं खाते, जिससे उन्हें कमजोरी और चक्कर आने जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। व्रत के दौरान खानपान में अचानक बदलाव भी तबीयत बिगड़ने की वजह बन सकता है।
बीपी और डायबिटीज के मरीज रहें सावधान
डॉक्टर के अनुसार, बीपी और डायबिटीज से पीड़ित लोगों को व्रत के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खानपान में बदलाव के कारण दवाइयों का समय बदलना या डॉक्टर की सलाह के बिना दवा छोड़ना उनकी परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे मरीजों को उपवास रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डॉक्टरों की सलाह है कि व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पिएं और फल, दूध व दही जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ लें। लगातार चक्कर आने, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसी स्थिति होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

