Health/Alive News: कुछ लोग ‘अर्ली बर्ड’ होते हैं, जो कि झट से सुबह उठ जाते हैं और काम शुरू कर देते हैं। वहीं कुछ लोगों के लिए सुबह उठना आसान नहीं होता। ऐसे लोग सुबह अलार्म बजते ही स्नूज कर देते हैं और सो जाते हैं। ऐसे लोगों को सुबह उठने का बिल्कुल मन नहीं करता है। ज्यादातर लोग इसे आलस समझ लेते हैं, लेकिन इसके पीछे कई गंभीर कारण छिपे हो सकते हैं। इस खबर में हम आपको ऐसे बीमारियों के बारे में बताएंगे, जो आपको सुबह उठने में परेशानी पैदा करती है।
डिप्रेशन-
डिप्रेशन जैसे मेंटल इलनेस होने पर व्यक्ति को सुबह उठने की इच्छा नहीं होती है। ज्यादातर लोग डिप्रेशन को केवल दुखी महसूस करना समझ लेते हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि यह एक मानसिक स्थिति है, जो आपके मेंटल और फीजिकल हेल्थ पर असर डालती है। ऐसे स्थिति में सोने का पैटर्न बिगड़ने के साथ-साथ व्यक्ति को किसी चीज में मन नहीं लगता, हर वक्त थकान महसूस होती है, निराशा और बिना कारण रोने का मन करता है।
थायरॉइड-
थायरॉइड की बीमारी में भी सुबह उठने का मन नहीं करता है। खासकर अगर आपको हाइपोथायरॉइडिज्म है, मतलब आपके शरीर में थायरॉइड हार्मोन की मात्रा कम हो गई है। ऐसे स्थिति में भी शरीर में एनर्जी की कमी महसूस होती है और हर वक्त सुस्ती और आलस जैसा फील होता है।
नींद की बीमारी-
अगर आपको नींद से जुड़ी समस्या हो रही है, तो भी आपको सुबह उठने में दिक्कत हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति गहरी और पूरी नींद नहीं ले पाता है, जिससे उसे सुबह उठने में दिक्कत होती है। वहीं स्लीप एप्निया की स्थिति में भी सुबह उठा नहीं जाता है। इस कंडिशन में नींद के दौरान सांस रुकने से बार-बार नींद टूटती है और व्यक्ति पूरी नींद नहीं ले पाता है, जिससे उसकी सुबह नींद नहीं खुलती। इनसोम्निया में भी आपकी सुबह नींद नहीं टूटती है। इसमें व्यक्ति को नींद नहीं आती है या बार-बार नींद टूटती है।
एनीमिया-
शरीर में खून की कमी होने पर भी सुबह उठने का मन नहीं करता है। ऐसी स्थिति में शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, जिसके कारण खून में हीमोग्लोबिन लेवल कम हो जाता है और ऑक्सीजन शरीर के हर हिस्से में ठीक से नहीं पहुंच पाता है। इस कंडीशन में सुबह नींद न खुलने के साथ-साथ खकान, चक्कर आना, सांस फूलना जैसी समस्या हो सकती है।