September 27, 2026

जानिए कैसे रहे परीक्षा में टेंशन फ्री

Faridabad/Alive News : परीक्षा का नाम सुनते ही टेंशन हो जाती है, विधार्थी तो क्या माता-पिता व अभिभावक भी तनाव में आ जाते हैं, डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। ऐसे मे मनोवैज्ञानिक, दार्शनिक, काऊंसिलर व शिक्षाविद डा. एम.पी सिंह से संपर्क करके मुफ्त मे सलाह ले सकते हैं और भविष्य मे होने वाली अप्रिय घटना को रोक सकते है। परीक्षा मे पास होना बेहद आसान होता है, चिंता करने से कुछ नही होता है, चिंता चिता के समान होती है, मेहनत करने वालों की कभी हार नही होती। हमें कडी से कडी मेहनत करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए और परिवारजनो के साथ ठीक तालमेल रखना चाहिए, हतोत्साहित कभी नही होना चाहिए। परीक्षा में सफलता के लिए कभी गलत तरीकों को नही अपनाना चाहिए। भ्रष्ट तरीकों का इस्तेमाल हमारी सामाजिक सोच के कारण होता है। क्योंकि अधिकतर लोग गलत तरीके से घर बैठे ही डिग्री हासिल कर लेेते है और रिश्वत देकर नौकरी भी प्राप्त कर लेते हैं उसी को कुछ लोग सफलता मान लेते हैं। जबकि वास्तव में यह सफलता का पैमाना नही हैं। जो लोग उक्त तरीकेे से शिक्षा और नौकरी पाते हैं वे आजीवन ब्याज समेत धन प्राप्त करते हैं और भारी भ्रष्टाचार को पैदा करते हैं।

जो परीक्षार्थी ईमानदारी से परीक्षा देकर उतम अंक हासिल करते हैं और सरकार के मापदंडो को पूरा करते हुए नौकरी हासिल करते हैं वे भ्रष्ट नही होते हैं और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने में सक्षम और अग्रणीय होते हैं। डा. एमपी सिंह का मानना हैं कि जब तक देश वासियों की सोच में सकारात्मक परिवर्तन नही आयेगा तब तक कुछ सही नही होने वाला हैं आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर महिला दिवस मनाया जा रहा हैं हमे अपनी बहन बेटियों पर गर्व है लेकिन महिला दिवस के अवसर पर डा. एमपी सिंह का कहना कि महिला ही पहली गुरू होती है यदि महिला ही सही संस्कार प्रदान कर दें और सामाजिक शिक्षा से ओतप्रोत कर दें उसकी रग रग में भारतीय सभ्यता व देश प्रेम को भर दे तो भविष्य में गलत समझोता नही करने पडेंगे।

अनेेंको बार देखा गया है कि पेपर लीक हो जाता है और परीक्षा रदद हो जाती है गलत डिग्री देते हुए अनेेक लोगो को गिरफ्तार कर लिया जाता है परीक्षाओं मे धांधले बाजी मेें लिप्त लोगो को भी जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाता है, लेकिन फिर भी भय और भ्रष्टाचार से मुुक्ति नही मिल पाती हैं इसके लिए शासक, प्रशासक के साथ साथ प्रजा भी दोषी है। उनका मानना हैं कि अपने बच्चों को अभिवादन करना सिखाये, सत्य के मार्ग पर चलना सिंखाये, सफलता के लिए किसी सोर्ट-कट को न अपनायें, नियमित और संयमित जिंदगी जिना सिंखाये, शुद्व शाकाहारी भोजन दे, स्वास्थ्यवर्धक खेल खेलने की सलाह दें, अच्छे व सफल लोगो का सानिध्य प्रदान करें व समय समय पर विषय विशेषज्ञों से कांउसलिंग कराते रहें।

शिक्षाविद डा. एम.पी. सिंह से कांउसलिंग के लिए मुफ्त संपर्क करें- 9810566553