October 24, 2026

30 से 40 साल के लोगों में भी बढ़ रहा घुटनों का दर्द

मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी बढ़ा रही परेशानी, निजी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 50 से 60 मरीज

Prabhjot Kour/Alive News

Faridabad: घुटनों में दर्द की परेशानी अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। 30 से 40 वर्ष की उम्र के लोग भी घुटनों में दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बदलती जीवनशैली, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी को इसकी प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घुटनों में लगातार दर्द होने पर इसे उम्र या थकान का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विश्व घुटना दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने लोगों को जोड़ों की सेहत के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दीपक ने बताया कि घुटने चलने, सीढ़ियां चढ़ने, बैठने और उठने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं। उम्र बढ़ने के साथ घुटनों के जोड़ में मौजूद कार्टिलेज घिसने से ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या हो सकती है। वहीं, अधिक वजन और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी घुटनों पर दबाव बढ़ा सकती है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से अकड़न की परेशानी महसूस हो सकती है।

ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 50 से 60 मरीज

एक निजी अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि अब 30 से 40 वर्ष की उम्र के लोग भी घुटनों के दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 50 से 60 मरीज घुटनों से जुड़ी समस्याओं के उपचार के लिए आ रहे हैं।

वजन नियंत्रित रखना जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित टहलना, क्षमता के अनुसार व्यायाम करना और वजन नियंत्रित रखना घुटनों की सेहत के लिए जरूरी है। काम के दौरान बीच-बीच में उठकर चलना चाहिए। घुटनों में लगातार दर्द, सूजन या चलने-फिरने में परेशानी होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। तेज दर्द या सूजन होने पर बिना सलाह के जोरदार व्यायाम करने से बचना चाहिए।