Delhi/Alive News: शुक्रवार सुबह इजरायल ने ईरान के 6 अहम ठिकानों पर जोरदार हमला किया। इनमें 4 परमाणु केंद्र और 2 सैन्य अड्डे शामिल हैं। इस हमले में ईरान के दो सीनियर सैन्य अधिकारी और दो परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई है।
ईरान के एक अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि राजधानी तेहरान के ‘शाहरक शाहिद महालती’ इलाके में हमला हुआ, जहां ऊंचे रैंक के अफसर रहते हैं। यहां तीन इमारतें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। इजरायल के एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि ईरान चुपचाप परमाणु हथियार बना रहा था। उसके पास कुछ ही दिनों में 15 परमाणु बम बनाने लायक सामग्री थी, इसी वजह से ये हमला किया गया।
कहां-कहां हुआ हमला?
1. नतांज – ईरान का मुख्य परमाणु केंद्र, जहां परमाणु कार्यक्रम के लिए जरूरी मशीनें हैं।
2. करमानशाह – पश्चिम ईरान में एक सैन्य अड्डा।
3. तेहरान – राजधानी, जहां सरकारी और सैन्य ठिकाने हैं।
4. अराक – जहां भारी पानी वाला रिएक्टर है, यह भी परमाणु कार्यक्रम का हिस्सा है।
5. इस्फहान – यूरेनियम को गैस में बदलने वाली सुविधा यहीं है।
6. तबरीज – मिलिट्री वेयरहाउस और मिसाइल यूनिट्स वाला शहर।
नेतन्याहू ने क्या कहा?
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “ईरान चोरी-छिपे परमाणु बम बना रहा था, जो हमारे लिए खतरा था। यह हमला सिर्फ हमारी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की शांति के लिए किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “आज का दिन अच्छाई की जीत की शुरुआत है।”
अमेरिका ने क्या प्रतिक्रिया दी?
अमेरिका ने कहा कि वह इस हमले में शामिल नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इजरायल ने आत्मरक्षा में ये कार्रवाई की है और ईरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिकी सैनिकों को निशाना न बनाए। हमले से कुछ दिन पहले अमेरिका ने अपने राजनयिकों को इराक से वापस बुला लिया था और मिडिल ईस्ट में तैनात सैनिकों के परिवारों को लौटने की इजाजत दी थी।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। अब इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

