Faridabad/Alive News : प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में विश्वविद्यालय परिसर में योग दिवस, 2025 के थीम ‘एक पृृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ को केन्द्र में रखते हुए योग सत्र का आयोजन किया गया। इस योग सत्र में 100 से ज्यादा प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों ने आयुष मंत्रालय द्वारा जारी सामान्य योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योगिक क्रियाओं में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय द्वारा किया गया था।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. प्रदीप डिमरी सहित कर्मचारियों तथा निरामयं योग क्लब से जुड़े सदस्यों ने योग सत्र में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन सहायक कुलसचिव सचिन गुप्ता द्वारा किया गया। योग सत्र के उपरांत कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि योगाचार्य मास्टर राम जीत सिंह ने प्रतिभागियों को योग साधना के महत्व से अवगत करवाया।
इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो. तोमर ने कहा कि योग विश्व को भारत की प्राचीन परंपरा की एक अमूल्य देन है। उन्होंने स्वस्थ जीवन शैली और व्यक्तित्व विकास में योग के महत्व पर प्रकाश डाला तथा पर्यावरण के महत्व पर बल देते हुए पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली द्वारा प्रकृति के संरक्षण का आह्वान किया। विद्यार्थी जीवन में योग के महत्व पर बोलते हुए कुलपति ने कहा कि योग मन को शांत करके एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है, जिससे जीवन में जटिल समस्याओं को हल करने के लिए एक अभिनव दृष्टिकोण विकसित होता है। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिन की गतिविधि न बनाये, अपितु इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाये।
फोटो परिचय – जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में योग दिवस के उपलक्ष्य में योगिक क्रियाएं करते हुए कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर एवं अन्य।

