March 10, 2026

वार्ड 11 में नगर निगम प्रशासन नया ट्यूबवेल लगाकर भूला, जनता में पानी को लेकर त्राहिमाम

Prabhjot Kaur/Alive News

Faridabad : नगर निगम के वार्ड-11 में एक ट्यूबवेल करीब 2 साल से बंद पड़ा है और दूसरे ट्यूबवेल की एक महीने से बोरिंग होने के बावजूद भी अभी तक चालू नहीं किया गया है। उल्टा यह टूयबवेल बिना मकान मालिक की अनुमति से उनके घर के गेट के बाहर लगा दिया गया है।  इस इलाके में पानी के लिए लोग या तो निजी टैंकरों पर निर्भर है या फिर पानी के लिए दर-दर भटक रहे है।  

दरसल, वार्ड-11 की अलग अलग दो गलियों में ट्यूबवेल है। एक गली में पुराने लगे ट्यूबवेल का दो साल पहले पानी सूख चुका है। और दूसरी गली में लगाए नए ट्यूबवेल की नगर निगम ने बौरिग तो करा दी है लेकिन चालू करने के लिए बिजली का पैनल अभी तक नहीं लगाया है। इसकी वजह से इलाके में रोजमर्रा के पानी के इस्तेमाल के लिए भी त्राहिमाम मचा है। 

क्या कहना था स्थानीय लोगों का

स्थानीय निवासी मधु ने बताया कि वार्ड 11 के शिवालिक स्कूल की गली में लगे ट्यूबवेल का करीब 2 साल पहले पानी सूख चुका है। वह लोग रोजमर्रा के पानी के इस्तेमाल के लिए दर दर भटक रहे है। उन्हें टैंकरों से पानी का बंदोबस्त करना पड़ रहा हैं। उन्होंने बताया कि उनकी समस्या और ज्यादा तब बढी हुई है जब उनकी गली बंद है जिस वजह से निजी टैंकर गली में प्रवेश नहीं पा रहे और पानी मैन रोड़ से ढोकर लाना पड़ रहा है।          

वार्ड 11 निवासी  कौशल कुमार ने बताया कि गली नंबर 3 में नगर निगम ने करीब एक महीने पहले ट्यूबवेल की बोरिंग की है। उसे एक महीने बाद भी चालू नहीं किया है ना ही उसका अभी तक बिजली का पैनल लगा है और ना ही सप्लाई की लाईन से कनेक्शन किया गया है। उन्होनें ने कहा कि गली के लोग पानी को लेकर परेशान है। इसे जल्दी चालू करना चाहिए जिस से लोगों को जल्दी राहत मिल सके।   

समीर रंजन बताया कि वह गली नंबर-3 का निवासी है और उनके घर के गेट के सामने बिना बताये नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ट्यूबवेल की बोरिंग करा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मना करने के बाद भी कर्मचारियों ने जबरदस्ती उनके घर के गेट के सामने ट्यूबवेल लगाया है। ये कर्मचारियों और अधिकारियों की सरासर लापरवाही है। हालांकि उन्होंने इसकी शिकायत उद्घाटन करने पहुंचे जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से भी की है। उसके बावजूद भी यह ट्यूबवेल उनके गेट के सामने लगाया गया है। 

स्थानीय निवासी किरन ने बताया कि उनके घर के गेट के बाहर ट्यूबवेल लगाने से उनका घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। दूसरी तरफ बौरिग की वजह से बरसात का पानी बोरिंग के माध्यम से जमीन के अंदर जाने से सड़क की मिट्टी धंस गई है और गड्ढा बन गया है। इस गड्ढे को भरने के लिए ठेकेदार ने मिट्टी की जगह बौरिग के पास कूड़ा डाल दिया है। इस कूड़े की ढेर की वजह से घर में बदबू आ रही है और घर से बाइक निकालना मुश्किल हो गया है। 

स्थानीय निवासी सतीश चंदीला ने बताया कि पानी को लेकर हमारे इलाके में जनता परेशान है और पार्षद अपने जीत के घमंड में है। जनता के काम से उनको कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी गली में ही पानी का ट्यूबवेल सूख चुका है और निजी टैंकरों से पानी मंगवा कर काम चला रहा है। उन्होंने बताया कि ना तो विधायक सुन रहा है और ना ही पार्षद जनता की सुनवाई कर रहे है।