Mumbai/Alive News: IIT बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन पद से निलंबित कर दिया है। साथ ही, साहिल की मौत से पहले की घटनाओं को लेकर पहले जारी किए गए बयान पर माफी मांगी है। संस्थान ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले घटना के बारे में जानकारी देना उचित नहीं था।
22 वर्षीय साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर की रात वह पवई स्थित IIT बॉम्बे के हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे। 19 सितंबर को संस्थान ने दावा किया था कि साहिल को मिड-सेमेस्टर परीक्षा में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था और उन्होंने ChatGPT पर प्रश्नपत्र अपलोड करने की कोशिश की थी। बाद में संस्थान ने इस मामले में जांच पूरी होने से पहले बयान जारी करने पर खेद जताया।
डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया, छात्रों से हुई थी तीन घंटे बैठक
IIT बॉम्बे ने सोमवार को स्पष्ट किया कि संस्थान के डायरेक्टर प्रो. शिरीष बी. केदारे ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है। इससे पहले रविवार देर रात उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ करीब तीन घंटे बैठक की थी। छात्रों के अनुसार, डायरेक्टर ने तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस्तीफा देने की बात कही थी और उनकी 18 मांगों से जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।
छात्रों ने मांग की है कि उनकी मांगों पर हर सप्ताह अपडेट दिया जाए और एक महीने के भीतर उन्हें पूरा किया जाए। ऐसा नहीं होने पर डायरेक्टर, डीन AP और डीन SA के इस्तीफे की मांग की गई है। छात्रों ने संस्थान से सार्वजनिक माफी, घटना पर सवालों के जवाब के लिए ओपन हाउस और इस साल जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है।
माता-पिता ने लगाए उत्पीड़न के आरोप
साहिल के माता-पिता ने 19 सितंबर को प्रोफेसर दुल्ला समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे का आरोप है कि उनके बेटे को जातिसूचक गालियां दी जाती थीं और करीब तीन महीने से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत में संस्थान के डायरेक्टर, कुछ फैकल्टी सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। आरोपों की जांच जारी है।
IIT में छात्रों की आत्महत्या को लेकर चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल IIT बॉम्बे में आत्महत्या का यह तीसरा और देश के IIT संस्थानों में नौवां मामला है। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में IIT के 160 छात्रों ने आत्महत्या की है। वहीं, 2025 में पिछले छह वर्षों के दौरान सबसे अधिक 16 IIT छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए थे।
शिक्षा मंत्रालय ने 2024 में प्रत्येक 1,000 छात्रों पर एक काउंसलर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था। रिपोर्ट के अनुसार, IIT खड़गपुर में एक काउंसलर पर करीब 1,500, IIT दिल्ली में 1,214 और IIT कानपुर में 1,058 छात्र थे।
साहिल की मौत के बाद 400 से अधिक छात्रों ने संस्थान प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। विरोध के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं।

