March 15, 2026

बिना विकास के ही सरकार जीत रही है, तो विकास की क्या जरूरत?

Gungun Sharma /Alive News

Faridabad: सारे इंजन सरकार में लगे हैं। लक्कड़पुर की जनता को ऐसे ही रहने की आदत है। यहां विकास की जरूरत ही नहीं है। बिना विकास के ही सरकार जीत रही है, तो विकास की क्या जरूरत है। यह कहना है लक्कड़पुर के स्थानीय निवासियों का। भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान लक्कड़पुर से राष्ट्रीय राजमार्ग मथुरा रोड को जोड़ने वाला लक्कड़पुर रेलवे फाटक वर्षों से फुट ओवर ब्रिज बनने का इंतजार कर रहा है। अलाइव न्यूज़ संवाददाता ने भी कुछ वर्ष पहले इस विषय को गंभीरता से उठाया था। इसके बाद फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की योजना को सरकार ने सिरे चढ़ाया और काम शुरू किया, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी यह काम आज भी पूरा नहीं हो सका है।

लोग जान हथेली पर रखकर पार कर रहे हैं रेलवे फाटक
लेकिन वर्तमान में यहां बाउंड्री वॉल और ओवर ब्रिज न होने के कारण श्रमिक वर्ग और वाहनों को रोज जानलेवा खतरे का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी और समाजसेवी लंबे समय से इस पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे, लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं किया गया है। जिस कारण लोगों को एनएचपीसी अंडरपास का उपयोग करना पड़ रहा है, वो भी लक्कड़पुर से काफी दूरी पर स्थित है।

लक्कड़पुर फुट ओवर ब्रिज की पृष्ठभूमि
फरीदाबाद के लक्कड़पुर रेलवे फाटक पर विकास कार्यों की योजना मुख्य रूप से हरियाणा की भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्ष 2021 में यहां फुट ओवर ब्रिज बनाने की औपचारिक घोषणा की थी।

गौरतलब है कि जुलाई 2020 में भी हरियाणा सरकार ने इस रेलवे क्रॉसिंग पर लगभग 15.50 करोड़ रुपये की लागत से फुट ओवर ब्रिज बनाने की योजना की घोषणा की थी। इसमें 50-50 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार और रेलवे द्वारा वहन किया जाना तय किया गया था। भूमि अधिग्रहण की बाधाओं और स्थानीय विवादों के कारण यहां रेलवे ओवर ब्रिज बनाना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद सरकार ने रोड अंडर ब्रिज का प्रस्ताव तैयार किया। नवंबर 2023 में हरियाणा सरकार ने इस अंडर ब्रिज के लिए 50.72 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी थी। लेकिन वो भी योजना  सिरे नही चढ़ पाई।

क्या कहना है लक्कड़पुर शिव दुर्गा विहार के लोगों का
राहगीर मुरुद कुमार ने बताया कि उन्हें रोज लक्कड़पुर फाटक पार करके एक तरफ से दूसरी तरफ जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि फुट ओवर ब्रिज कब तक बनेगा, इसका भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। उनके अनुसार भाजपा सरकार ने यहां कोई खास काम नहीं किया है। तीन साल बीत जाने के बाद भी यह फुट ओवर ब्रिज तैयार नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस  फुट ओवर ब्रिज का निर्माण करने वाले कर्मचारी चार दिन काम करते हैं और चार महीने आराम करते हैं।

अवध सिंह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि लक्कड़पुर में तो बहुत विकास हो रहा है, बेहिसाब विकास है। यहां यह फुट ओवर ब्रिज भी गलत बनाया जा रहा है और इसकी लोगों को कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि दयालबाग के सामने पहले से ही एक फुट ओवर ब्रिज बना हुआ है। अब हर दस कदम पर इसे बनाने के लिए सरकार के पास पैसा कहां से आएगा? उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जितनी देरी से काम होगा, उतना ही अच्छा है। इस हिसाब से करीब दस साल में यह फुट ओवर ब्रिज बन जाएगा। लोगों को कोई परेशानी नहीं है और सब सरकार की जय-जयकार कर रहे हैं। जब बिना विकास के ही भाजपा सरकार जीत रही है, तो सरकार को विकास कराने की क्या जरूरत है। उन्होंने सरकार को कहा, लक्कड़पुर फाटक पर इस फुट ओवर ब्रिज को कहीं और बनाए और यहां पैसा न लगाए।

राहगीर अशोक कुमार ने बताया कि इस फुट ओवर ब्रिज परियोजना को शुरू हुए लगभग दो साल हो चुके हैं। शुरुआत में उम्मीद थी कि कुछ महीनों में काम पूरा हो जाएगा, लेकिन अब तक निर्माण अधूरा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा न होने की वजह से लोगों के साथ हादसे हो रहें हैं। हाल ही में यहां एक महिला की दुर्घटना में मौत भी हो गई थी, जिससे लोगों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

कुछ लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक दोनों तरफ से बैरिकेडिंग कर दी जाए, ताकि लोगों का आवागमन रोका जा सके और हादसों से बचाव हो सके। उनका कहना है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रदर्शन किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया है। फिलहाल, लोगों की मांग है कि या तो निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए या फिर फाटक के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी तरह की दुर्घटना न हो।

समाजसेवी अर्जुन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जब लक्कड़पुर रेलवे फाटक के पास खुदाई का काम शुरू हुआ था, तब भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी थी। इससे लगा था कि प्रशासन इस काम को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही इसे पूरा कर देगा। उस समय उनसे कहा गया था कि तीन से चार महीनों के भीतर यह फुट ओवर ब्रिज तैयार कर दिया जाएगा, लेकिन मौजूदा हालात देखकर ऐसा नहीं लगता कि काम जल्द पूरा होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस रेलवे फाटक की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। विधानसभा चुनाव में क्षेत्र के नवनियुक्त विधायक धनेश अदलखा वोट मांगने आए थे और उन्होंने भी जल्द से जल्द इस फुट ओवर ब्रिज का काम पूरा कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि पहले लोग किसी तरह पैदल इस रास्ते से निकल जाते थे, लेकिन अब वहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों को नेशनल हाईवे तक जाने के लिए फिलहाल एनएचपीसी अंडरपास का सहारा लेना पड़ता है, जो काफी दूरी पर स्थित है। यदि यहां फुट ओवर ब्रिज बन जाता तो लोगों के लिए आवागमन काफी आसान हो जाता। यह इलाका औद्योगिक क्षेत्र है, जहां से हजारों श्रमिक रोजाना आवागमन करते हैं, इसलिए यहां बुनियादी सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है।

क्या कहना है पूर्व विधायक का 

अपने कार्यकाल के दौरान फुट ओवर ब्रिज का काम मुख्यमंत्री के सहयोग से शुरू करा दिया था और काफी हद तक काम हुआ भी था, लेकिन आपके माध्यम से मुझे जानकारी मिली है कि लक्कड़पुर फुट ओवर ब्रिज का काम बंद है इस बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी की यह काम क्यों बंद है उसके बाद ही मैं आपको बता पाऊंगी।  

– सीमा त्रिखा, पूर्व विधायक