Faridabad/Alive News: 7 फरवरी को सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला में हुए झूला हादसे का हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा को एक महीने के भीतर जांच समिति की रिपोर्ट, दर्ज एफआईआर की वर्तमान स्थिति और आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार को दिए गए मुआवजे तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी है।
हादसे में गई जान, कई घायल
आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया के अनुसार ‘सुनामी’ नामक झूला लगभग 26 लोगों की क्षमता के साथ चल रहा था, तभी अचानक गिर गया। हादसे में 13 से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने लोगों को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी।
एक ही दिन में दो घटनाएं
हादसे वाले दिन दोपहर में तेज हवाओं के कारण फूड कोर्ट के पास अस्थायी प्रवेश द्वार गिरने से भी कुछ लोग घायल हुए थे। इसके तुरंत बाद झूला गिरने की घटना सामने आई। आयोग ने कहा कि मेले में लगाए गए प्रवेश द्वार, स्टॉल और मनोरंजन सवारी अस्थायी व कमजोर संरचनाओं पर आधारित थीं, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं।
सुरक्षा मानकों पर जीरो टॉलरेंस नीति
आयोग ने हरियाणा सरकार, पर्यटन एवं विरासत विभाग और मेला प्राधिकरण को मेलों और अम्यूजमेंट राइड्स की मौजूदा सुरक्षा गाइडलाइन पर विस्तृत रिपोर्ट देने और उन्हें और मजबूत करने के उपाय बताने को कहा है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि मल्टी-डिसिप्लिनरी तकनीकी समिति (स्ट्रक्चरल इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विशेषज्ञ, फायर अधिकारी और आपदा प्रबंधन अधिकारी) के प्रमाणन के बिना मेला शुरू न किया जाए।
आयोग ने आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम, एंबुलेंस, फायर व्हीकल, फर्स्ट एड स्टेशन और प्रशिक्षित रेस्क्यू स्टाफ तैनात करने तथा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर आयोजकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

