International/Alive News: ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज पर हमला हुआ है। हमले में 12 क्रू मेंबर घायल हुए हैं, जिनमें 11 भारतीय नागरिक हैं। भारत ने घटना की निंदा करते हुए क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, एमटी ऑन पीस नाम का जहाज ओमान के तट के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान उस पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें 17 भारतीय नागरिक शामिल थे।
ओमानी अधिकारियों की मदद से घायलों को जहाज से निकालकर ओमान के खासाब में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सभी जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
होर्मुज में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
भारत ने होर्मुज और आसपास के समुद्री क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई है। भारत ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए कमर्शियल जहाजों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए।
पिछले कुछ महीनों में होर्मुज क्षेत्र में हुए हमलों से बड़ी संख्या में भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फरवरी से अब तक 100 से ज्यादा भारतीय नाविक घायल हुए हैं, जबकि 11 भारतीय नाविकों की जान जाने की बात सामने आई है।
खाड़ी क्षेत्र में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को बताया था कि फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्र में अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में 6 भारत-झंडे वाले कमर्शियल जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा 6 विदेशी झंडे वाले जहाज भी भारत के लिए सामान लेकर जा रहे हैं। इन 12 जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं।
जायसवाल के अनुसार, भारत का शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है। भारतीय दूतावास और स्थानीय एजेंसियां भी नाविकों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की निगरानी कर रही हैं। जरूरत पड़ने पर भारतीय मिशन उनकी मदद के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।
जयशंकर ने UN में उठाया था नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और काला सागर जैसे समुद्री रास्तों में जहाजों और नाविकों पर लगातार हमले हो रहे हैं।
जयशंकर ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए हिंसा और जान के नुकसान को रोकने की अपील की थी। अगले दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने फिर समुद्री सुरक्षा और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का मुद्दा उठाया।
भारत ने तनाव कम करने और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। भारत और लाइबेरिया ने संयुक्त राष्ट्र में जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक समूह भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य कमर्शियल जहाजों और उनके चालक दल पर होने वाले हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है।

