March 7, 2026

हिसार: नर्सिंग छात्राओं का 3 दिन से धरना, कॉलेज संचालक पर शराब पीकर हॉस्टल आने और उत्पीड़न के आरोप

Hisar/Alive News: हरियाणा के हिसार जिले के हांसी क्षेत्र के नारनौंद स्थित खशी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कागसर में नर्सिंग की छात्राएं पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठी हैं। छात्राएं कॉलेज में अनियमितताओं, सुरक्षा की कमी और यौन व मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए विरोध कर रही हैं। कड़ाके की ठंड और करीब 5 डिग्री तापमान के बावजूद छात्राएं खुले आसमान के नीचे टेंट में बैठी हुई हैं।

छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज संचालक शराब पीकर देर रात हॉस्टल में आता है और गलत व्यवहार करता है। वहीं, काम करने वाले कर्मचारी बाथरूम में झांकते हैं, क्योंकि कई बाथरूम में न तो ठीक दरवाजे हैं और न ही कुंडी लगी हुई है। इससे छात्राओं की सुरक्षा और गोपनीयता खतरे में है।

शनिवार रात प्रशासनिक अधिकारी छात्राओं से धरना खत्म करने की अपील करने पहुंचे, लेकिन छात्राओं ने साफ कहा कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे धरना समाप्त नहीं करेंगी। उनका कहना है कि पहले भी कई बार केवल आश्वासन मिले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

छात्राओं के समर्थन में सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा आज धरना स्थल पर पहुंचने वाली हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया है। इससे पहले नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड धरने पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। विधायक ने मौके से ही एसपी को फोन कर मामले में तेजी से कार्रवाई करने और जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कदम उठाने को कहा।

छात्राओं ने बताया कि 18 दिसंबर को इस मामले में एक जांच कमेटी बनाई गई थी, जिसकी जांच पूरी हो चुकी है। महिला आयोग भी अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप चुका है। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है। रात के समय डीएसपी, थाना प्रभारी और महिला पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। छात्राओं का कहना है कि वे अब केवल लिखित आश्वासन नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष कार्रवाई चाहती हैं।

छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज में लगभग 300 छात्राओं पर सिर्फ दो अध्यापिकाएं हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हॉस्टल के खाने में कीड़े मिलने, बार-बार बिजली कटौती, मेडिकल सुविधा की कमी और महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने की शिकायत भी की गई है।

छात्राओं का कहना है कि जो छात्राएं आवाज उठाती हैं, उन्हें एडमिशन रद्द करने, डिग्री रोकने और दस्तावेज न देने की धमकियां दी जाती हैं। परिजनों को भी छात्राओं के खिलाफ गलत जानकारी दी जाती है। इसके अलावा कॉलेज की मान्यता को लेकर भी उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया गया है।

वहीं, कॉलेज चेयरमैन जगदीश गोस्वामी ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने कॉलेज में नियम सख्त किए हैं, जिससे कुछ छात्राओं को परेशानी हो रही है। उनका दावा है कि कॉलेज पिछले 25 सालों से चल रहा है और उस पर कोई दाग नहीं है।

फिलहाल छात्राएं कार्रवाई की मांग पर अड़ी हुई हैं और प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रही हैं।