Faridabad/Alive News: सेक्टर-65 स्थित कम्युनिटी सेंटर सेक्टर 65 में आयोजित हिंदू सम्मेलन में लगभग 1200 नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में डॉ. जगदीश चौधरी ने विशेष अतिथि के रूप में प्रेरणादायक संबोधन दिया।
डॉ. चौधरी, जो श्री चौधरी बालाजी कॉलेज बल्लभगढ़ के निदेशक और विश्व जल परिषद फ्रांस के सदस्य हैं, ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान, संतुलन और सामूहिक कल्याण पर आधारित है। उन्होंने समझाया कि इस सृष्टि में कोई भी जीव पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है, सभी एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि वृक्ष हमें प्राणवायु देते हैं, जल जीवन देता है और भूमि अन्न देती है, इसलिए इनका संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का कम उपयोग करने, वर्षा जल संचय अपनाने, स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उनके अनुसार ये केवल व्यक्तिगत आदतें नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी हैं।
डॉ. चौधरी ने कर्मप्रधान जीवन पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय व्यवस्था मूल रूप से कर्म और गुण पर आधारित रही है, जन्म पर नहीं। मनुष्य की पहचान उसके आचरण, परिश्रम और संस्कार से होती है, जिससे समाज में समरसता और एकता मजबूत होती है।उन्होंने यह भी कहा कि भारत में लोकतांत्रिक सोच बहुत प्राचीन है और प्राचीन गणराज्यों की परंपरा इसका प्रमाण है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संजय कुमार ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए सभी वर्गों से अपने स्वभाव में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का मंच संचालन देवेन्द्र गौर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डुली चंद ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र सभी के संतुलित विकास से ही सच्ची उन्नति संभव है।

