Delhi/Alive News: भारत से करीब 8 हजार किलोमीटर दूर घाना में ‘गा’ समुदायों के बीच लोगों की मौत पर जश्न मनाने की परंपरा है। यहां अंतिम संस्कार के लिए डिजाइनर ताबूत बनाए जाते हैं।
घाना में अनोखे ताबूत बनाने की परंपरा गा समुदाय में शुरू हुई। कारीगर सेथ काने कोई ने इसे लोकप्रिय बनाया। सेथ काने कोई ने गा समुदाय के राजा के लिए एक भव्य पालकी बनाया था। उनकी मौत के बाद उन्हें वैसी ही पालकी में दफनाया गया। यहीं से मौत के बाद फैंसी ताबूतों बनाने की परंपरा शुरू हुई।
इन ताबूतों को ‘फैंटेसी कॉफिन्स’ कहा जाता है, और ये मृतक व्यक्ति के पेशे, शौक या जीवन से जुड़ी चीजों के आकार में बनाए जाते हैं।

