Gurugram/Alive News: जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान बाजरे की सरकारी खरीद की प्रक्रिया बेहद सुचारू और पारदर्शी ढंग से चल रही है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम की विभिन्न अनाज मंडियों में अब तक कुल 41,252 मीट्रिक टन बाजरे की आवक दर्ज की जा चुकी है।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले की तीन प्रमुख मंडियों, जटौली, फर्रुखनगर और सोहना में खरीद का कार्य तेजी से जारी है। अब तक फर्रुखनगर मंडी में 10 हजार मीट्रिक टन, जटौली मंडी में सबसे अधिक 26,488 मीट्रिक टन तथा सोहना मंडी में 4,764 मीट्रिक टन बाजरे की आवक दर्ज की गई है।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार भावांतर भरपाई योजना के माध्यम से बाजरा उत्पादक किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। योजना के अंतर्गत बाजरे के लिए 2,900 रूपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित किया गया है। निर्धारित नियमों एवं पात्रता के अनुसार, मंडी में बिक्री मूल्य और एमएसपी के बीच अधिकतम 600 रूपए प्रति क्विंटल तक के अंतर की भरपाई राज्य सरकार द्वारा सीधे किसानों के खाते में भावांतर के रूप में की जाएगी।
प्रशासन की ओर से मंडियों में पेयजल, शेड और तौल की पुख्ता व्यवस्था की गई है ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

