Faridabad/Alive News: सतयुग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सत्र 2025–26 के बीबीए, बी.टेक और बीसीए के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक बना दिया।
सतयुग दर्शन ट्रस्ट के मेंबर सजन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा वह है जो ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और विनम्रता को भी विकसित करे। उन्होंने विद्यार्थियों से एकाग्रता, ईमानदारी और सकारात्मक सोच अपनाने का आग्रह किया।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र त्यागी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, विषयों की गहरी समझ विकसित करने और कौशल-विकास गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। साथ ही शालीन तनेजा , मैनेजिंग कंसल्टेंट आईबीएम ऐंड में बीओजी ने बताया कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में सफलता के लिए अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ संचार कौशल, नैतिक आचरण और अनुकूलन क्षमता आवश्यक है।
डॉ. मनप्रीत कौर (एचओडी, मैनेजमेंट स्टडीज), डॉ. अशोक शर्मा (एचओडी, अप्लाइड साइंसेज़), श्री शिरीष गुप्ता (बी.टेक कोऑर्डिनेटर) और डॉ. मृणाल मंजीरी (बीसीए कोऑर्डिनेटर) ने विद्यार्थियों को विभागीय विज़न, शैक्षणिक अवसरों और करियर तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
विशेष सत्र में केशव शुक्ला ने संगीत कला केंद्र की गतिविधियों से अवगत कराया और विद्यार्थियों को सांस्कृतिक कलाओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, वहीं सुश्री प्रीति सिधवानी ने ध्यान कक्ष की दर्शन-परंपरा पर प्रकाश डालते हुए ध्यान, आत्म-शांति और आत्म-अनुशासन के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम का संचालन उत्साहपूर्ण और सुचारू रूप से डॉ. रवि बक्शी, परमजीत सिंह और सुश्री वीनेता चौधरी ने किया। कार्यक्रम का समापन इंटरैक्टिव सत्र के साथ हुआ, जिसने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार किया।

