Faridabad/Alive News: वैसे तो रोजाना ही भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन भादों माह प्रभु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर फरीदाबाद एनआईटी तिकोना पार्क स्थित श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर में तैयारियां जोरो शोरो पर है। इस दौरान श्रद्धालुओं में भगवान गणेश के प्रति भक्ति की भावना को देखा जा रहा है।
मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि 27 अगस्त से 6 सितंबर तक विशेष पूजा-अर्चना, भजन संध्या और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी भव्य रूप में मनाई जाती है और इस साल भी गणेश चतुर्थी का पर्व मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। गणेश जी की मूर्ति की स्थापना 27 अगस्त सुबह दस बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ की जाएगी। भक्तों के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर में गणेश जी की मूर्ति इको फ्रेंडली तैयार कराई जाती है, जिस से पर्यावरण को भी कोई नुकसान न हो। इस साल यह मूर्ति दिल्ली से मंगाई गई है।
उन्होंने बताया कि मंदिर में स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए जाएंगे। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनियों और फूलों से सजाया जा रहा है। गणेश चतुर्थी के समापन पर अनंत चतुर्दशी के दिन भव्य शोभायात्रा के साथ गणेश की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। यह विसर्जन उनके मंदिर के पीछे एक पतीले में किया जाएगा।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान गणेश जी के दर्शन करें और साथ ही स्वच्छता व अनुशासन का पालन करें।
मंदिर के पंडित कृष्णा पांडे ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था, जिसकी खुशी में देशभर में गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दौरान भक्तजन अपने अपने घर, दफ्तर, दूकान और मंदिरों में गणपति जी की मूर्ति को स्थापित करते हैं और 10 दिनों तक उनकी विधिनुसार उपासना करते हैं। इसके अलावा प्रभु की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए मोदक, मोतीचूर लड्डू, खीर और मालपुआ जैस भोग लगाए जाते हैं, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। उदया तिथि के मुताबिक गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा।
पंडित कृष्णा पांडे ने बताया कि गणेश चतुर्थी दुर्लभ संयोग इस बार गणेश चतुर्थी पर प्रीति, सर्वार्थ सिद्धि, रवि के साथ इंद्र-ब्रह्म योग का संयोग बना रहेगा। वहीं कर्क में बुध और शुक्र के होने से लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होगा। इसके अलावा गणेश चतुर्थी पर बुधवार का महासंयोग इस तिथि की महत्वता को कई गुना बढ़ा रहा है।

