March 10, 2026

ज्वेलरी शोरूम में ठगों ने फर्जी ई-वाउचर से खरीदा 2 लाख का गोल्ड़

Delhi/Alive News : दिल्ली पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली के पुसा रोड स्थित एक गोल्ड शोरूम में नकली ई-वाउचर से ठगी करने की कोशिश में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों महेंद्र सिंह और संदीप सिंह राठौर ने पहले 25 अगस्त को 2 लाख रुपये के सोने के सिक्के खरीदे और अगले दिन 8 लाख रुपये के नकली वाउचर से खरीदारी करने पहुंचे, जहां स्टाफ की सतर्कता से वे पकड़े गए.

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को बताया कि सेंट्रल दिल्ली के एक बड़े गोल्ड शोरूम में लाखों रुपये के नकली ई-वाउचर का इस्तेमाल कर ठगी करने की कोशिश करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेंद्र सिंह (26) और संदीप सिंह राठौर (25) के रूप में हुई है. दोनों राजस्थान के रहने वाले हैं. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने इन ई-वाउचर का इस्तेमाल करने की कोशिश पुसा रोड स्थित शोरूम में की. जानकारी के अनुसार, दोनों 25 अगस्त को पहली बार शोरूम पहुंचे और सफलतापूर्वक नकली वाउचर का इस्तेमाल कर 2 लाख रुपये के दो सोने के सिक्के खरीद लिए. इस सफलता के बाद, अगले दिन यानी 26 अगस्त को वे फिर से लौटे और इस बार 8 लाख रुपये के वाउचर लेकर पहुंचे.

दूसरी बार में स्टाफ को हुआ शक :
स्टाफ को शक हुआ और जांच करने पर वाउचर फर्जी पाए गए. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया. डीसीपी निदिन वालसन ने इसकी जानकारी दी. राजिंदर नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) और 3 (5) (साझा अपराध दायित्व) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

होटल रूम से मिले सोने के सिक्के :
पुलिस ने छापेमारी कर आरोपियों के पहाड़गंज स्थित होटल रूम से 10-10 ग्राम के दो सोने के सिक्के और 54 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए, जो उन्होंने पहले खरीदे थे.पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे जयपुर के शशांक नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में थे. उसी ने उन्हें ईमेल के जरिए नकली ई-वाउचर भेजे और दिल्ली के शोरूम में इस्तेमाल करने को कहा.

जयपुर में भी की थी ठगी :
डीसीपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि महेंद्र सिंह इस साल की शुरुआत में जयपुर में एक ठगी मामले में शामिल था. उसने सोशल के जरिए ‘सेकेंड करेंसी’ में निवेश का झांसा देकर लोगों को धोखा दिया था. पीड़ितों को पांच गुना रिटर्न का लालच दिया गया लेकिन आखिर में उन्हें पैसों की जगह साबुन से भरे पैकेट थमा दिए गए.