Faridabad/Alive News: हर साल मानसून में शहर की सड़कों पर होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना में शहर के प्रमुख जलभराव वाले हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं और उनके समाधान के लिए प्रस्तावित उपाय भी तय किए गए हैं।
प्राधिकरण ने इस मास्टर प्लान की प्रति नगर निगम, एचएसवीपी, एनएचएआई, पुलिस, लोक निर्माण विभाग समेत संबंधित विभागों को भेज दी है, ताकि वे अपने सुझाव दे सकें। सुझावों के बाद प्लान को अंतिम रूप देकर धरातल पर काम शुरू किया जाएगा। प्रयास है कि मानसून से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें, जिससे वाहन चालकों और आम लोगों को राहत मिल सके।
शहर में हर वर्ष बारिश के दौरान कई मुख्य सड़कें पानी में डूब जाती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं और जलभराव के कारण कई जगहों पर यातायात बाधित हो जाता है।
एनएचएआई ने ओल्ड फरीदाबाद, अजरौंदा, खाटू श्याम मंदिर, बाटा, गुडईयर, वाईएमसीए और कैली चौक जैसे स्थानों पर हाईवे के नीचे बड़ी पाइप लाइनें डालकर पानी निकासी की व्यवस्था की है। अजरौंदा चौक पर ही जलभराव से निपटने के लिए करीब 1.16 करोड़ रुपये खर्च कर 900 एमएम का पाइप डाला गया है, जिससे बारिश का पानी सेक्टर-13 स्थित डिस्पोजल तक पहुंच सके।
हालांकि, बदरपुर बॉर्डर से सीकरी तक जलभराव से निपटने के लिए लगाए गए 27 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम फिलहाल ठप पड़े हैं। इन सिस्टमों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन अधिकतर अब काम नहीं कर रहे हैं। शहर के कई इलाकों जैसे वाईएमसीए चौक, मुजेसर मोड़ और अजरौंदा मेट्रो स्टेशन के पास सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में यह मुद्दा लगातार उठता रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
क्या कहना है मुख्य अभियंता का
कई चौराहों पर काम किया गया है। अभी कई हाट स्पाट और चिन्हित किए गए हैं, जहां पानी जमा होता है। वहां काम करना बाकी है। संबंधित विभागों के सुझाव आ जाएंगे तो और बेहतर काम हो सकेगा।
– विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, प्राधिकरण

