Faridabad/Alive News: भारत सरकार ने 2027 में कराए जाने वाली जनगणना की तैयारी के लिए निदेशक जनगणना निदेशालय हरियाणा चंडीगढ़ ललित जैन आईएएस आज सोमवार को फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय पहुंचे जहां उन्होंने नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा की उपस्थिति में जनगणना की प्रस्तावना को लेकर पहली बैठक की।
इस बैठक में एडिशनलो म्युनिसिपल कमिश्नर डॉ विजयपाल यादव के अलावा सभी क्षेत्रीय कर अधिकारी मौजूद रहे।
निदेशक जनगणना निदेशालय हरियाणा चंडीगढ़ ललित जैन ने बैठक में सभी को अवगत कराया कि फरीदाबाद निगम क्षेत्र को जनगणना की प्री टेस्टिंग के लिए चुना गया। बैठक में तय किया गया है कि नगर निगम के पुराने वार्ड 24 में जनगणना की पहली प्री टेस्टिंग की जाएगी। भारत सरकार के दिशा निर्देशों पर जनगणना का कार्य 2027 से शुरू होना है ।
जनगणना की प्रस्तावना को लेकर आयोजित की गई, इस पहली बैठक में निदेशक जनगणना निदेशालय हरियाणा ललित जैन आईएएस ने मीटिंग में जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत सरकार के जनगणना के इस कार्य में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के साथ-साथ सभी रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन का भी सहयोग लिया जाएगा। पहली बैठक में तैयारियों पर चर्चा के साथ-साथ इस कार्य को सम्पन्न कराने के लिए नोडल ऑफिसर अतिरिक्त निगम आयुक्त डॉ विजयपाल यादव को नियुक्त किया गया है ।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड 24 के लगभग 42 ब्लॉक के अंदर यह जनगणना का सर्वे किया जाएगा, जिसमें सभी जॉन के क्षेत्रीय कर अधिकारी इस कार्य के चार्ज ऑफिसर होंगे, जबकि लगभग 10 पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किए जाएंगे,लगभग 50 शिक्षकों की ड्यूटी भी इस कार्य में प्रगणक के रूप में रहेगी।
उन्होंने बताया कि यह प्रीटेस्ट सितंबर 2025 में प्रस्तावित है। प्री टेस्ट से पहले इस कार्य को पूरा करने के लिए एक ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित किया जाएगा जिसमें इस कार्य को करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बैठक में जनगणना निदेशालय के संयुक्त निदेशक ललित रावत ने भी अपने सुझाव रखे।
बता दें कि जनगणना में घरों की सूची, जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी. मार्च, 2027 को संदर्भ तिथि माना जाएगा, यानी उस समय देश की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति का जो भी आंकड़ा होगा, वही रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा. यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और ऑनलाइन स्व-गणना का उपयोग किया जाएगा.

