March 10, 2026

फरीदाबाद पुलिस का दावा, जिले में कम हुआ अपराध

Faridabad/Alive News: राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के विपरीत फरीदाबाद पुलिस ने दावा किया है कि शहर महिलाओं के लिए सुरक्षित है। पुलिस के अनुसार हॉटस्पॉट और हॉटरूट की संख्या में कमी आई है और दुष्कर्म व पोस्को के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रम चलाए हैं और महिलाओं से फीडबैक लिया है। दुर्गा शक्ति टीम ने कई महिलाओं को सुरक्षित घर पहुंचाया है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स आन वुमेंस सेफ्टी रिपोर्ट (एनएआरआइ) में फरीदाबाद को महिलाओं के लिए असुरक्षित बताया गया। आयोग ने इस रिपोर्ट का आधार अपने सर्वे को बताया था। जिसमें कहा था कि 40 में से 10 महिलाएं शहर में डरा हुआ महसूस करती है।

इस रिपोर्ट के बाद फरीदाबाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। इस रिपोर्ट के करीब पांच दिन बाद फरीदाबाद पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर अपना डाटा जारी किया है। जिसमें शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बताया गया है। पुलिस भी अपनी रिपोर्ट का आधार सर्वे को बता रही है। जो करीब 10 हजार महिलाओं के बीच में किया गया है।

पुलिस की ओर से जारी किए गए आंकड़ों की माने तो इस साल हॉटस्पॉट और हाटरूट दोनों में काफी कमी हुई है। ऐसा महिलाओं के बीच किए गए सर्वे के बाद तय किया गया है। साल 2024 में हरियाणा पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर गए सर्वे के अनुसार 300 हॉटस्पॉट और 154 हॉटरूट चिन्हित किए गए थे। हॉटस्पॉट उन जगहों को कहा जाता है जहां पर छेड़छाड़ की घटनाएं अक्सर होती रहती है।

पिछले साल पुलिस की ओर से जो हॉटस्पॉट की सूची जारी की गई थी। उनमें कई ऐसी जगह भी शामिल थी। जो कालेज और स्कूल के पास आती थी। इसके साथ ही हाटरूट ऐसे रास्तों को कहा जाता है जहां पर महिलाओं को भय लगता है। इस साल किए गए सर्वे के आधार पर अब हॉटस्पॉट 2025 में 136 और हॉटस्पॉट 90 रह गए।

आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे मामलों में भी कमी आई है। 2025 में अगस्त तक दुष्कर्म के मामले 153 दर्ज किए गए थे। वहीं 2025 में अभी तक 135 मामले दर्ज किए गए हैं। वही 2024 में पोस्को के मामले 246 थे। इस साल संख्या घटकर 175 रह गई।

सात हजार महिलाओं ने ट्रिप मॉनिटरिंग का प्रयोग

पुलिस की ओर से स्कूल और कालेजों सहित ऐसी फैक्ट्रियों में भी महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। जहां पर महिलाएं बड़ी संख्या में काम करती है। महिलाओं को डायल 112 पर ट्रिप मॉनिटरिंग के बारे में बताया गया। इस एप के जरिए महिलाएं अपनी यात्रा के दौरान ट्रिप को लेकर पूरी जानकारी डाल देती है। जिसके बाद डायल 112 की टीम पूरे यात्रा को मानेटरिंग करती है।

पुलिस के अनुसार अभी तक सात हजार महिलाओं ने इस ट्रिप मानेटरिंग का प्रयोग किया है। वहीं दुर्गा शक्ति टीम की ओर से जनवरी से अगस्त तक कुल 400 महिलाओं को रात में उनके घर पर छोड़ा गया।

अलग-अलग जगहों पर 10 हजार महिलाओं से लिया फीडबैक

महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर 10 हजार महिलाओं से फीडबैक लिया। इस दौरान उनसे महिला सुरक्षा को लेकर सवाल किए गए। वहीं उन जगहों के बारे में पूछा गया। जहां पर छेड़खानी होने का उनको डर लगता है। पुलिस की ओर से यह फीडबैक आनलाइन और आफलाइन दोनों तरह से लिया गया हैं। पुलिस के अनुसार पिछले साल भी हॉटस्पॉट काे लेकर इस तरह का सर्वे किया गया था। जिसके बाद हॉटस्पॉट और हाटरूट पर गश्त बढ़ाई गई थी। सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ दुर्गा शक्ति की टीम पूरी तरह से सक्रिय हुई थी।