March 7, 2026

ओल्ड अंडरपास में नाली की हुई सफाई, जलभराव से मिलेगी राहत

Faridabad/Alive News : आने वाले मानसून काे लेकर प्रशासनिक स्तर पर भागदाैड़ शुरु हाे गई है। फरीदाबाद महीनगर विकास प्राधिकरण और नगर निगम अपने- अपने स्तर पर काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। नालाें की सफाई का काम जारी है। इसी कड़ी में प्राधिकरण रेलवे अंडरपास के अंदर की व्यवस्था दुरुस्त करने में लगा हुआ है। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अडंरपास के अदंर एक नाली है। इस नाली का पानी संपवैल तक जाता है। फिर यहां से माेटर चलाकर पानी काे बाहर कर दिया जाता है। यह रातभर इस नाला काे साफ कराया और फिर इसके ऊपर लाेहे की जाली रखी। अब वर्षा का पानी आसानी से निकल जाएगा। उम्मीद है कि इससे जलभराव से राहत मिलेगी।

दाे बैंककर्मियाें की हुई थी माैत ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में सितंबर 2024 में दाे बैंककर्मियाें की डूबने से माैत हाे गई थी। यहां वर्षा का पानी भर गया था। जिसमें बैंककर्मी कार सहित डूब गए। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और अब जलभराव के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। ओल्ड अड़रपास की पानी निकासी के लिए ड्रेनेज लाइन डाली जा रही है। बड़े स्तर पर हाे रही है। पहली बार सफाई शहर के सभी प्रमुख नालाें और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई व निरीक्षण का कार्य जारी है। जहां जहां नालाें में अवराेधक अथवा जल निकासी में बाधा की शिकायतें मिल रही हैं, वहां कार्रवाई करते हुए समाधान किया जा रहा है। कई स्थानाें पर जर्जर नालाें की मरम्मत का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किया जा रहा है, ताकि मानसून के दाैरान किसी भी प्रकार की रुकावट न उत्पन्न हाे।

जिन क्षेत्राें में पानी निकासी प्रणाली की क्षमता कम गई , वहां तत्काल प्रभाव से उसकी क्षमता काे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अतिरिक्त तकनीकी संसाधनाें की व्यवस्था सुनिशिचत की जा रही है। जिला उपायुक्त की ओर से नगर निगम अधिकारियाें काे स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने- क्षेत्राें में प्रतिदिन नियमित रुप से दाैरा करें तथा नालाें , ड्रेनेज सिस्टम और अंडरपास की सफाई व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चत करें, ताकि लाेगाें काे जलभराव जैसी काेई समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

हमारी टीम ने रात साढ़े 11 बजे नाली की सफाई का काम शुरु किया था जाे सुबह पांच बजे तक पूरा हाे गया था। इसके बाद दाेनाें और लाेहे की जाली सेट की। कंक्रीट डाला गया था, इसलिए इसे सूखने में चार घंटे लगे। यदि जल्द आवागमन शुरु कर दिया जाता ताे जाली ताे जाली सेट नहीं हाेती। इससे वाहन चालकाें काे परेशान हाेती। सुबह 10 बजे आवागमन सुचारु रुप से शुरु हाे गया था। अब यहां पानी निकासी बेहतर हाे सकेगी। हजाराें वाहन चालकाें काे राहत मिल जाएंगी।

  • जितेंद्र सिंह, एसडीओ प्राधिकरण