March 15, 2026

एलपीजी गैस आपूर्ति में रुकावट से सस्ती थाली पर संकट, संस्थाएं चिंता में

Faridabad/Alive News: शहर में एलपीजी गैस की आपूर्ति में रुकावट आने से जरूरतमंद लोगों को सस्ती थाली उपलब्ध कराने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं के सामने संकट खड़ा होने लगा है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 20 से अधिक संस्थाएं प्रतिदिन करीब पांच हजार लोगों को मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराती हैं। गैस की आपूर्ति बाधित होने से इन रसोइयों के संचालन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इन रसोइयों में अधिकतर फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक भोजन करने के लिए आते हैं। फिलहाल किसी भी संस्था ने अपनी रसोई बंद नहीं की है, लेकिन अगर गैस की किल्लत लंबे समय तक बनी रही तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

एनआइटी में दौलतराम धर्मशाला के सामने सीता की रसोई चलाने वाले महेंद्र ने बताया कि उनके यहां प्रतिदिन 700 से 800 लोग भोजन करने के लिए आते हैं। सभी को 10 रुपये में थाली दी जाती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल संस्था के सदस्य आपस में एक-दूसरे से सिलिंडर लेकर किसी तरह रसोई का काम चला रहे हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना संभव नहीं है। उनका कहना है कि एक सिलिंडर करीब 15 से 20 दिन तक चलता है और हालात को देखते हुए दूसरे विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं।

वहीं सेक्टर-22 श्मशान घाट के पास सस्ती थाली की रसोई चलाने वाले सीके राय का कहना है कि अभी तक किसी तरह की बड़ी परेशानी सामने नहीं आई है और लोगों के सहयोग से रसोई का संचालन जारी है। हालांकि यदि सिलिंडर की आपूर्ति नियमित नहीं हुई तो भविष्य में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। उनके यहां प्रतिदिन करीब एक हजार लोग भोजन करने आते हैं।

गैस संकट को देखते हुए बल्लभगढ़ अनाज मंडी में संचालित अटल कैंटीन के प्रबंधकों ने वैकल्पिक व्यवस्था भी शुरू कर दी है। कैंटीन संचालकों ने बताया कि उन्होंने पांच बड़े इंडेक्शन चूल्हे मंगवाए हैं, ताकि भविष्य में गैस की कमी होने पर उन पर ही खाना तैयार किया जा सके।

उधर एनआइटी-3 स्थित ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की कैंटीन में भी इन दिनों भोजन नियमित रूप से तैयार नहीं हो पा रहा है। गैस की कमी के कारण मरीजों, उनके तीमारदारों, डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को रेडीमेड खाद्य पदार्थों से ही काम चलाना पड़ रहा है।