Faridabad/Alive News: दिल्ली ब्लास्ट में पकड़े गए अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार आतंकी डॉ. मुजम्मिल शकील को NIA की टीम फरीदाबाद और गुरुग्राम के सोहना लेकर पहुंची। टीम ने करीब 4 घंटे तक उसकी गतिविधियों से जुड़े कई स्थानों की पड़ताल की। जांच में यह भी सामने आया कि मुजम्मिल ने लक्ष्मी बीज भंडार और मदान बीज भंडार से कुल 1600 किलो अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डेढ़ घंटे खोजबीन
सबसे पहले NIA टीम मुजम्मिल को अल-फलाह यूनिवर्सिटी लाई, जहां वह काफी समय से रह रहा था। टीम ने उसके
मेडिकल केबिन, रूम, पढ़ाई की जगह, मरीजों को देखने का स्थान, कैंपस में उसकी रोज की गतिविधियां सबकी जांच की। यूनिवर्सिटी में उसके संपर्क में आने वाले छात्रों की भी जानकारी ली गई। उसकी अलमारी और सामान को दोबारा चेक किया गया।
राजस्थान से भेजे गए 42 वीडियो
एक अहम जानकारी के अनुसार विदेशी हैंडलर ने मुजम्मिल को 42 वीडियो भेजे थे, जिनमें विस्फोटक तैयार करने की पूरी विधि बताई गई थी। सुरक्षा एजेंसियां अब हैंडलर की पहचान और नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
गांव धौज और फतेहपुर तगा में भी पूछताछ
यूनिवर्सिटी के बाद NIA टीम उसे फरीदाबाद के गांव धौज लेकर पहुंची, जहां 10-12 सूटकेस में 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट रखा मिला था। टीम ने यह सामग्री वहां क्यों और कैसे पहुंचाई गई, इसकी पूछताछ की। इसके बाद टीम उसे फतेहपुर तगा के उस घर में लेकर गई, जहां से 2,563 किलो अमोनियम नाइट्रेट के 50 कट्टे बरामद किए गए थे। मुजम्मिल ने बताया कि वह इन्हें दो बार कार में भरकर वहां लाया था।
सोहना अनाज मंडी में दो बीज भंडारों की पहचान करवाई
NIA फिर उसे सोहना मंडी लेकर गई, जहां मुजम्मिल ने दो दुकानों की पहचान की और बताया कि लक्ष्मी बीज भंडार से 1000 किलोl मदान बीज भंडार से 600 किलो अमोनियम नाइट्रेट उसने 2023 में खरीदा था। टीम के पहुंचते ही अनाज मंडी में भीड़ लग गई, लेकिन एजेंसी ने लोगों को वीडियो रिकॉर्ड करने से रोका।
पूछताछ के बाद टीम उसे दिल्ली वापस ले गई
फरीदाबाद में करीब 3 घंटे और सोहना में लगभग 45 मिनट की जांच के बाद NIA टीम उसे वापस दिल्ली ले गई। यह कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट केस में आतंकी मॉड्यूल की पोल खोलने की दिशा में एक बड़ी प्रगति मानी जा रही है।

