March 10, 2026

फसलों को जोखिम मुक्त कराने में मुख्यमंत्री बागवानी योजना निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका

Faridabad/Alive News : मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत बागवानी किसानों को बागवानी फसलों में प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल संकट और हवा की गति से नुकसान की भरपाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना किसानों के लिए अभूतपूर्व कदम है। यह योजना किसानों की बागवानी की फसलों को जोखिम मुक्त करने में कारगर साबित हो रही है।

इस योजना के तहत पांच फलों की और 14 सब्जियों की और दो मसालों की फसलों को शामिल किया गया है। फलों में आम, अमरूद, लीची, बेर व कीनू शामिल है। जबकि सब्जियों में टमाटर, प्याज, आलू, गोभी, मटर, गाजर, भिण्ड, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली की तथा मसालों की हल्दी व लहसुन की फसलों को शामिल किया गया जा रहा है। फसलों के बीमा योजना के 26 से 50 प्रतिशत नुकसान होने पर 51 से 75 प्रतिशत प्रतिशत नुकसान होने पर और 75 अधिक 100 प्रतिशत नुकसान होने पर बीमा योजना के तहत अलग-अलग धनराशि दी जा रही है।

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव की श्रंखला में मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत एक हजार रुपये की धनराशि का प्रति एकड़ फलों की फसलों पर किसानों से प्रिमियम राशि पर सरकार द्वारा फलों पर 40 हजार रूपये और सब्जियों पर 30 हजार रूपये की मुआवजा धनराशि प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है।