Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में रेलवे ट्रैक पार करना सैकड़ों लोगों के लिए जानलेवा साबित हो चुका है। रोजमर्रा की जल्दबाजी और लापरवाही के चलते लोग नियमों को नजरअंदाज कर रेलवे लाइन पार कर रहे हैं, जिसका खामियाजा उन्हें अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। रेलवे पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, इसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी 2025 से 15 दिसंबर 2025 तक फरीदाबाद में रेलवे ट्रैक से जुड़े हादसों में 306 लोगों की मौत हो चुकी है और 15 घायल हुए है। इनमें कई लोग ट्रेन की चपेट में आए, कुछ ट्रेन से गिर गए, कुछ ने आत्महत्या की, जबकि कई शव ऐसे भी मिले जिनकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है। यह आंकड़े न सिर्फ चिंताजनक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि लोगों की छोटी-सी लापरवाही कितना बड़ा नुकसान कर सकती है।
रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाते रहते हैं। रेलवे स्टेशन, ट्रैक के आसपास और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पोस्टर लगाए जाते हैं, लाउडस्पीकर के जरिए अनाउंसमेंट भी की जाती है। लोगों को समझाया जाता है कि रेलवे ट्रैक पार करना कितना खतरनाक है। इसके बावजूद कई लोग समय बचाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं।
कानून के मुताबिक, रेलवे ट्रैक पार करना एक दंडनीय अपराध है। भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत फरीदाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में रेलवे लाइन पार करना गैरकानूनी है। इस अपराध में पकड़े जाने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना, 6 महीने तक की कैद, या दोनों सजा हो सकती है। इसके बावजूद लोग नियमों को ताक पर रखकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं।
रेलवे प्रशासन और पुलिस का साफ कहना है कि कार्रवाई का मकसद लोगों को सजा देना नहीं, बल्कि उनकी जान बचाना है। अधिकारियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए हमेशा फुट ओवर ब्रिज (FOB) या अंडरपास का ही इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ सेकंड या मिनट बचाने के लिए रेलवे ट्रैक पार करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
फरीदाबाद में लगातार बढ़ रहे हादसे इस बात की चेतावनी हैं कि अब भी अगर लोग नहीं संभले, तो यह आंकड़े और भी भयावह हो सकते हैं। जरूरत है कि लोग कानून का पालन करें, जागरूक बनें और अपनी व दूसरों की जान की कीमत समझें। रेलवे ट्रैक कोई शॉर्टकट नहीं, बल्कि खतरे का रास्ता है जिससे दूरी बनाए रखना ही सुरक्षा है।
ओल्ड फरीदाबाद थाना प्रभारी राजवीर का कहना है कि रेलवे ट्रैक पार करना दंडनीय अपराध है और रेलवे ट्रैक पार करते पकड़े जाने पर जुर्माना भी लगाया जाता है कई बार व्यक्ति को सजा भी हो सकती है। लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर रेलवे फाटक और स्टेशनों पर होर्डिंग-पोस्टर लगाए जाते है। लोगों को खुद भी समझना चाहिए कि जान कितनी किमती हैं।

