October 21, 2026

भरत मिलाप में दिखा भाइयों का प्रेम, राम के दर्शन को लगीं कतारें

Faridabad/Alive News: वनवास से लौटे भगवान श्रीराम और भाई भरत का मिलन, एक-दूसरे के प्रति प्रेम और त्याग का संदेश। बुधवार को एनआईटी दशहरा मैदान में भरत मिलाप के दौरान यही भाव देखने को मिला। भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। लोगों ने भगवान के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और जय श्रीराम के जयकारे लगाए। वहीं, एनआईटी-3 स्थित मंदिर से निकली शोभायात्रा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दूसरी ओर, ग्रीन फील्ड कॉलोनी और एनआईटी-1 में रामलीला मंचों पर भरत मिलाप के भावुक प्रसंग के साथ रामलीला का समापन हुआ।

शोभायात्रा में जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा

एनआईटी-3 स्थित मंदिर से निकली शोभायात्रा में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप रथ पर विराजमान थे। शोभायात्रा पांच नंबर मार्केट से आगे बढ़ी तो दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया। रथ के आगे रामभक्त भक्ति गीतों पर झूमते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा के एनआईटी दशहरा मैदान पहुंचने पर जय श्रीराम और सियावर रामचंद्र की जय के जयकारे गूंज उठे। मैदान में भी भगवान के दर्शन के लिए लोगों की कतारें लगी रहीं। भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालते नजर आए।

सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, श्री सनातन धर्म महाबीर दल, मार्केट नंबर-1 के राजेश भाटिया ने कहा कि भगवान राम का जीवन मर्यादा, त्याग और कर्तव्य का पालन करने की सीख देता है। उनके आदर्शों को अपनाकर जीवन में सही रास्ते पर चला जा सकता है।

ग्रीन फील्ड कॉलोनी में लव-कुश रामलीला और एनआईटी-1 में विजय रामलीला के मंच पर भरत मिलाप का प्रसंग पेश किया गया। वनवास से लौटे भगवान राम और भरत के मिलन को देखकर दर्शक भावुक हो गए। कलाकारों ने अपने अभिनय से भाईचारे, प्रेम और त्याग की भावना को जीवंत कर दिया। दोनों मंचों पर भगवान राम के जयकारे गूंजते रहे। लव-कुश रामलीला में मंगलवार रात दशहरा समारोह के दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया था। बुधवार को भरत मिलाप के बाद राजतिलक के साथ रामलीला का समापन हुआ और कलाकारों को सम्मानित किया गया।

विजय रामलीला कमेटी के प्रवक्ता नवीन अरोड़ा ने कहा कि भरत मिलाप का प्रसंग परिवार में प्रेम, आपसी सम्मान और त्याग बनाए रखने की सीख देता है। भगवान राम और भरत का प्रेम समाज के लिए आदर्श है।